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बिल्डरों के साथ आइओसी और एसबीआई भी प्राधिकरण के बकायेदार

जानकारी के अनुसार, एसबीआइ के अलावा केनरा बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूको बैंक, सिंडीकेट बैंक, विजया बैंक व पंजाब नेशनल बैंक पर भी प्राधिकरण की 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बकाया है।

प्राधिकरण एसबीआइ को सेक्टर-2 स्थित भवन खाली करने के लिए नोटिस भेज रहा है।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड को 56.59 करोड़ रुपए प्राधिकरण के खाते में जमा कराने होंगे। हाई कोर्ट ने इस रकम को एक महीने में जमा कराने का आदेश दिया है। यह रकम परिसंपत्तियों के किराए के रूप में बकाया है। वहीं, देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सेक्टर-2 स्थित शाखा पर प्राधिकरण के करीब 96 करोड़ रुपए से अधिक बकाया हैं। सरकारी उपक्रम होने के कारण प्राधिकरण ने साधारण ब्याज दर से एकमुश्त समाधान योजना का विकल्प दिया था, लेकिन एसबीआइ ने बकाया रकम जमा नहीं कराई। इसके बाद प्राधिकरण एसबीआइ को सेक्टर-2 स्थित भवन खाली करने के लिए नोटिस भेज रहा है।

प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, बिल्डरों की देनदारी के अलावा कई ऐसे प्रतिष्ठान हैं, जिन पर किराए के रूप में प्राधिकरण के करोड़ों रुपए बाकी हैं। इससे पहले प्राधिकरण ने सेक्टर-51 स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के पेट्रोल पंप को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दिया था। इस पेट्रोल पंप पर प्राधिकरण का 16.10 करोड़ रुपए बकाया था।

प्राधिकरण ने व्यक्तियों व संस्थानों को अनुज्ञा पर परिसंपत्तियों का आबंटन किया हुआ है। ऐसे आबंटियों से प्राधिकरण हर महीने के हिसाब से किराया वसूल करता है। ऐसे संस्थानों में शहर में बरसों से चल रहे कई पेट्रोल पंप व आठ बैंकों समेत कई व्यावसायिक दुकानें भी शामिल हैं। इन पर कई सौ करोड़ रुपए का बकाया है। बकाया वसूली के लिए प्राधिकरण ने कई बार नोटिस भेजे हैं। इसके अलावा साधारण ब्याज दर पर एकमुश्त समाधान योजना भी निकाली थी।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने अदालत में याचिका दायर की थी। याचिका पर हाई कोर्ट ने प्राधिकरण से जवाब मांगा। प्राधिकरण का जवाब मिलने के बाद हाई कोर्ट ने 11 फरवरी को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन को 56 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम प्राधिकरण के खाते में जमा कराने का आदेश जारी किया। बताया गया है हाई कोर्ट का आदेश आने से उत्साहित अधिकारी अनुज्ञा पर परिसंपत्तियों के आबंटियों से वसूली के लिए सख्त रवैया अपनाने जा रहे हैं। प्राधिकरण ने सेक्टर-2 में 33 हजार वर्ग फीट की जमीन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को दे रखी है, जहां बैंक की मुख्य शाखा संचालित है। इस परिसंपत्ति पर प्राधिकरण का करीब 96 करोड़ रुपए बकाया है।

प्राधिकरण ने बकाया रकम को लेकर एसबीआइ को कई नोटिस जारी किए और साधारण ब्याज पर एकमुश्त समाधान योजना का भी विकल्प दिया। एकमुश्त समाधान योजना में आवेदन का समय खत्म होने के बाद प्राधिकरण अब बैंक शाखा को जमीन खाली करने का नोटिस भेज रहा है। शाखा को जमीन खाली करने के लिए एक नियत समय दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, एसबीआइ के अलावा केनरा बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूको बैंक, सिंडीकेट बैंक, विजया बैंक व पंजाब नेशनल बैंक पर भी प्राधिकरण की 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बकाया है।

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