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ज्ञानवापी मस्जिद केसः औरंगजेब को लेकर घेरने लगीं साध्वी तो बोले मुस्लिम स्कॉलर- शंकराचार्य ने भी तो चीन तक बौद्धों को खदेड़ा

ज्ञानवापी के बाद कर्नाटक के मेंगलुरु में एक मस्जिद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वीएचपी कार्यकर्ताओं ने कहा है कि पहले ये मंदिर था।

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काशी विश्वनाथ मंदिर धाम और ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का दृश्य (फोटो- पीटीआई)

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद बढ़ता ही जा रहा और चर्चा का विषय बना हुआ है। ज्ञानवापी विवाद के साथ देश के कई हिस्सों में हिदूं संगठनों द्वारा कुछ अन्य मस्जिदों को लेकर भी दावा किया गया है कि ये सभी मस्जिदें मंदिर तो तोड़कर बनाई गईं हैं। वहीं ज्ञानवापी मुद्दे को लेकर समाचार चैनल आज तक पर बहस चल रही थी, जिसमे मुस्लिम स्कॉलर और साध्वी भी पहुंची थीं।

बहस के दौरान साध्वी गीताम्बरा ने कहा, “ये लोग क्या साबित करेंगे? वहां पर हमारे नंदी बैठे हुए हैं वहां सांप है, त्रिशूल है, घंटा है, ये किस चीज पर साबित करेंगे? ये कुछ भी ले आये, ये हारेंगे इन्होने जो हमारी मूर्ति का अपमान किया है, उसकी भरपाई ये करेंगे? 300 सालों तक इन्होने हमारी मूर्तियों के साथ कुकर्म किया है।”

वहीं साध्वी के बयान पर मुस्लिम स्कॉलर सरफराज अहमद ने कहा, “बनारस गंगा जमुनी तहजीब का मरकज है। ताकत का प्रदर्शन हर ज़माने में हुआ है। जब आप औरंगजेब की बात करते हैं तो किसी ज़माने में शंकराचार्य ने भी बौद्धों को यहां से खदेड़ा और वो चाइना तक चले गए। हमारे बाबा भीम राव अम्बेडकर ने कानून बनाया है और हम उसके अनुसार चलेंगे। मैं राम कृष्ण को मानने वाला हूं, औरंगजेब को नहीं। मोहम्मद साहब के आदर्शों से मैंने इस्लाम को कबूल किया है।”

बहस के दौरान बृजभूषण ओझा ने कहा, “कभी भी हिन्दू समाज ने धार्मिक रूप से किसी के ऊपर कोई दबाव नहीं डाला है। औरंगजेब और अन्य आक्रान्ता इस भारतीयता के कलंक हैं। शास्त्रों के अनुसार और वेदों के अनुसार ये सिद्ध है कि वो मंदिर है, ये भले ही उसको फव्वारा या चाहे जो कहें। निश्चित रूप से वो जिस अधिनियम की बात कर रहे हैं, जिस सिविल कोर्ट ने ये निर्णय दिया, क्या वो ये अधिनियम नहीं जनता था।”

वहीं ज्ञानवापी के बाद कर्नाटक के मेंगलुरु स्थित एक मस्जिद को लेकर विवाद शुरू हो गया है। हिन्दू संगठनों का दावा है कि पहले ये मंदिर था, लेकिन टीपू सुल्तान ने इसे तोड़कर मस्जिद बनवा दिया था। वीएचपी कार्यकर्ता मस्जिद में बुधवार सुबह पूजा करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

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