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ज्ञानवापी मस्जिद केसः …तो हिंदू भाइयों को दे दें जमीन, वहां नमाज पढ़ना हराम: SP नेता रूबीना खानम

सपा नेता रूबीना खानम ने कहा कि मैं भारत सरकार से ये गुजारिश करतीं हूं कि वो माननीय सुप्रीम कोर्ट के जरिये इसकी उच्चस्तरीय जांच कराए।

Gyanvapi Masjid| Varanasi| uttar pradesh|
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का दृश्य (फोटो- पीटीआई)

ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है और कई मुस्लिम नेताओं और धर्मगुरुओं ने वाराणसी कोर्ट के फैसले पर हैरानी जताई है। वाराणसी कोर्ट ने मंगलवार को कोर्ट कमीशन को जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए 2 दिन का समय दिया और कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्र को हटाने का आदेश दे दिया। वहीं अब समाजवादी पार्टी की महिला नेत्री ने मस्जिद को हिन्दुओं को सौंप देनी की बात कही है।

समाजवादी पार्टी की नेता रूबीना खानम ने कहा है कि मस्जिद को हिन्दुओं को सौंप देना चाहिए और विवाद खत्म करना चाहिए। उन्होंने कहा, “आजकल जो ये ज्ञानवापी मस्जिद का मसला चल रहा है कि प्राचीन काल में ये मंदिर था, तो मेरा ये कहना है कि प्राचीन काल में ये मंदिर था और किसी हमारे शासक ने बलपूर्वक मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनवाई थी। ये बात हमारे मुस्लिम उलेमाओं को, धर्मगुरुओं को समझना चाहिए कि किसी भी कब्जा की हुई जमीन पर हमारे इस्लाम में नमाज पढ़ना हराम है।”

सपा नेता रूबीना खानम ने कहा, “अगर ये बात कोर्ट में साबित हो जाती है, तो हमारे मुस्लिम समाज के लोग, धर्मगुरु, उलेमा उस जमीन को हिन्दू पक्ष को वापस सौंप दें। लेकिन इसके लिए मैं भारत सरकार से ये अपील करतीं हूं और ये गुजारिश करतीं हूं कि वो माननीय सुप्रीम कोर्ट के जरिये इसकी उच्चस्तरीय जांच कराएं।”

वहीं एक समाचार चैनल से बात करते हुए रूबीना खानम ने कहा, “एक राष्ट्रवादी इन्सान होने के नाते ये मेरा अपना विचार है। हमारे इस्लाम में ये जायज नहीं है कि आप बलपूर्वक किसी की भी जमीन कब्जा करें और उसपर पूजा करें। मेरे अध्यक्ष अखिलेश जी भी एक राष्ट्रवादी इन्सान हैं और हमारी पार्टी भी इंसाफ के लिए लड़ती है। मैं तो पार्टी की एक छोटी सी कार्यकर्ता हूं।”

वहीं सपा सांसद एसटी हसन के बयान पर रूबीना खानम ने कहा कि मैं किसी भी चीज का लालच और डर रखकर बात नहीं करती हूं और मैं हमेशा सच बोलती हूं और गलत को गलत कहतीं हूं। मेरे ऊपर सच बोलने के लिए मुक़दमे भी दर्ज हुए हैं, लेकिन मैं सच बोलने से बाज नहीं आती।

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