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ज्ञानवापी केस: दिल्‍ली की राखी सिंह और काशी की चार महिलाओं के बीच छिड़ी जंग, जितेंद्र बिसेन का दावा, जानें याचिकाकर्ताओं के बीच विवाद में किसका, क्‍या है पक्ष

Gyanvapi Masjid Case: याचिका दायर करने वाली पांच महिलाओं में चार लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक वाराणसी में रहती हैं।

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ज्ञानवापी मस्जिद मामले की तीन याचिकाकर्ता (फोटो-इंडियन एक्सप्रेस)

ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे और उसके बाद एक पक्ष द्वारा शिवलिंग मिलने के दावे के बीच, वादी पक्ष को लेकर दिए एक बयान के बाद यह मामला अलग मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। ये पूरा विवाद जितेंद्र बिसेन के उस विवाद के बाद खड़ा होता दिखाई दे रहा है जिसमें उन्होंने कहा है कि कोई तीसरा पक्ष ज्ञानवापी मामले को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। बिसेन ने आरोप लगाया कि वादी पक्ष के लोगों में अलग-अलग चलने की होड़ मची हुई है। उन्होंने काशी की चार महिला याचिकाकर्ताओं पर अलग रास्ते पर चलने का आरोप लगाया है।

जितेंद्र बिसेन के आरोपों पर वाराणसी की चार महिला याचिकाकर्ता लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक ने कहा है कि विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख का बयान गलत है। उन्होंने कहा, “वे जो भी आरोप लगा रहे हैं, वे गलत हैं, हम न बिकाऊ हैं और न किसी के एक पैसे के हकदार हैं। हम लोग अपने पास से पैसे लगा रहे हैं और आगे लड़ाई लड़ रहे हैं।”

एक महिला याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया, “वे (जितेंद्र बिसेन) पावर ऑफ अटॉर्नी मांग रहे थे, हम क्यों दें उनको पावर ऑफ अटॉर्नी? हम खुद इसके मालिक हैं। वे पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर कहीं चले जाएं तो फिर हम कहीं के नहीं रहेंगे। उसके बाद जो बवाल होगा, हमें झेलना पड़ेगा। हम खुद के मालिक हैं, वे हमारे मालिक नहीं हैं।”

वहीं, सीता साहू का कहना था, “मुझे नहीं पता कि वे क्या कर रहे हैं, क्या सोच रहे हैं और क्या चाहते हैं लेकिन हम चारों महिलाएं एक हैं। हम काशी की चारों महिलाएं एक रहेंगे और मिलकर लड़ाई लड़ेंगे। उनको जो सोचना है सोचें। ये उनका व्यक्तिगत मामला है।” राखी सिंह के सवाल पर चारों महिला याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे आज तक दिखाई नहीं दी हैं।

एक महिला याचिकाकर्ता ने कहा, “केवल उनका नाम सामने आया है, वो आज तक नहीं आई हैं, वे हैं भी या नहीं… इसके बारे में हम लोगों को कोई जानकारी नहीं है। न उनका कोई फोन नंबर है और न हमने कभी उनसे संपर्क किया है। राखी सिंह का नाम केवल हवा-हवाई है।” चारों महिलाओं ने कहा कि वे मिलकर आगे भी लड़ती रहेंगी।

बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर याचिका दायर करने वाली पांच महिलाओं में चार लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक वाराणसी में रहती हैं और इस मामले की प्रत्येक सुनवाई के दौरान मौजूद रही हैं। इन चारों महिलाओं का कहना है कि दिल्ली की बताई जाने वाली राखी सिंह कभी भी वाराणसी नहीं आई हैं।

इसके पहले, जितेंद्र सिंह बिसेन ने चारों महिलाओं के अलग रास्ते पर चलने का आरोप लगाया था और कहा था कि इस मामले का मीडिया ट्रायल और इसे बड़ा मुद्दा बना देना उनकी समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया था कि वादी पक्ष के लोग गुमराह हो गए हैं और कठपुतली बन गए हैं।

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