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गोरखपुर कांड को शिवसेना ने बताया सामूहिक हत्‍या, कहा- अच्‍छे दिन सिर्फ अमीरों के लिए

शिव सेना ने पूछा कि, क्यों हमेशा केवल गरीब परिवारों के बच्चे ही अगस्त के महीने में मरते हैं?
Author गोरखपुर | August 14, 2017 18:59 pm
गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल के आईसीयू में इंसेफलाइटिस से पीड़ित बच्चे। ( Express photo by Vishal Srivastav 12.08.2017)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में करीब 60 बच्चों की मौत के बाद शिव सेना ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। इस घटना को सामूहिक हत्याकांड का दर्जा देते हुए शिव सेना ने सूबे की सरकार पर भी निशाना साधा। अपने मुखपत्र ‘सामना’ में शिव सेना ने कहा कि गोरखपुर हादसा देश के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक बहुत बड़ा अपमान है। एनडीए सरकार की जोड़ीदार शिव सेना ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबों के लिए अच्छे दिन कभी नहीं आएंगे। यूपी के मंत्री ने कहा था कि अगस्त के महीने में हमेशा बच्चों की मौत होती है। मंत्री के इस बयान पर शिव सेना ने पूछा कि, क्यों हमेशा केवल गरीब परिवारों के बच्चे ही अगस्त के महीने में मरते हैं? क्यों अमीरों के बच्चे नहीं मरते? अच्छे दिन केवल अमीर लोगों के आए हैं लेकिन गरीबों के नहीं।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त ऑक्सीजन सप्लाई न मिल पाने के कारण बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस मामले के सामने आने के बाद से ही अन्य राजनीतिक पार्टियां सूबे के मुख्यमंत्री और बीजेपी पर निशाना साध रही हैं। कांग्रेस नेता राज बब्बर का कहना था कि ये मौत नहीं हत्या है और सूबे की सरकार पर हत्या का मुकदमा चलना चाहिए। राज बब्बर ने इस घटना के पीछे पूरी तरह से योगी आदित्य नाथ का हाथ बताया। वहीं योगी आदित्य नाथ ने घटना के बाद बीआरडी अस्पताल का दौरा किया। यहां प्रेस कांफ्रेस में योगी ने कहा कि जो भी इस मामले में दोषी हैं उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इस घटना के मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।

हादसे पर तीन दिन बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अमित शाह का बयान आया है। अमित शाह ने कहा है कि ये कोई देश का पहला हादसा नहीं है। अमित शाह ने यूपी में जन्माष्टमी मनाने के सवाल पर कहा कि जन्माष्टमी अपनी जगह है, जैसे पूरे देश में होगी, वैसे यूपी में लोगों को व्यक्तिगत मान्यताओं के आधार पर होगी, यह कोई सरकारी त्योहार नहीं है। योगी सरकार से कांग्रेस द्वारा इस्तीफा मांगने के सवाल पर शाह ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और कहा, ‘कांग्रेस का काम है इस्तीफा मांगना। कर्नाटक दौरे पर पहुंचे शाह ने कहा कि राज्य सरकार ने हादसे की जांच का आदेश दे दिया है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने तय समय में जांच का आदेश दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का संसदीय क्षेत्र रहे गोरखपुर में 1 हजार में से 62 बच्चों की मौत 1 साल की उम्र होने से पहले ही हो जाती है। जबकि उत्तर प्रदेश में ये आंकड़ा 48 है और भारत में 40 शिशुओं की मौत एक साल का होने से पहले ही हो जाती है। वहीं अमेरिकी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) की बात करें तो गोरखपुर में शिशु मृत्यु दर विश्व के बीस देशों से भी बहुत ज्यादा है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता बॉबी रामाकांत ने बताया, ‘19.18 लाख की आबादी वाले गोरखपुर में शिशु मृत्यु दर 62 है जो आबादी के लिहाज से लिस्ट में 18वें स्थान पर है। इस तरह गोरखपुर जांबिया और दक्षिणी सूडान जैसे देशों की कतार में खड़ा हो गया है। जहां आबादी 19.18 लाख है। दोनों देशों में शिशु मृत्य दर क्रमश: 62.90 और 64.60 है। सीआईए की लिस्ट में अफगानिस्तान चोटी का देश है, जहां शिशु मृत्यु दर 112 है। जबकि माली में 100, सोमालिया में 96 सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में 88 और जुईनिया में 87 है।

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