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यूपी: पोलियो की दवा में मिला वायरस, दवा कंपनी के पांच अधिकारियों पर केस, एक गिरफ्तार

CDSCO के अधिकारियों ने करीब 15 दिन पहले ही टाइप-2 को वायरस को लेकर अलर्ट किया गया था। चूंकि उत्तर प्रदेश के हाजीपुर में जांच के दौरान एक बच्चे में इस वायरस के लक्षण पॉजिटिव पाए गए थे।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (Source – AP Photo/K.M. Chaudary)

उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने यहां वैक्सीन बनाने वाली एक कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ओर्गनाइजेशन (CDSCO) के एक अधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में कथित तौर पर आरोप लगाया गया कि कंपनी द्वारा मुहं में पिलाई जाने वाली जो पोलियो की दवाई बनाई गई उसके कुछ बैचों में वायरस मिला है। यह टाइप-2 का पोलियो वायरस है। CDSCO के अधिकारी के मुताबिक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाजियाबाद के कवि नगर पुलिस स्टेशन में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत बायोमेड प्राइवेट लिमिटेड के पांच अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई गई, इसमें कंपनी के डायरेक्टर भी शामिल हैं।

मंत्रालय की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने शुक्रवार (28 सितंबर, 2018) को कंपनी को डायरेक्टर को गिरफ्तार किया जबकि बाकियों के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी किया गया है। मामले मं गाजियाबाद के एसएसपी वैभव कृष्णा ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अन्य आरोपियों की धड़पकड़ के लिए एक टीम का गठन किया गया है। एसएसपी ने बताया कि यह गंभीर प्रवृत्ति का अपराध है। शिकायत मिलने के बाद मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। वहीं मामले में आरोपी कंपनी के अधिकारियों से उनका पक्ष नहीं जाना जा सका है।

यहां बता दें कि टीका सरकार के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा है। संबंधित मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी वितरकों से तुरंत उक्त कंपनी की वैक्सीन को वापस मंगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा मंत्रालय ने कहा कि पोलियो निगरानी कमेटी उन बच्चों का पता लगाएगी जिन्हें यह दवाई दी गई है। उन बच्चों को निगरानी रखा जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके है कि उस वायरल की वजह से बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ता है। गौरतलब है कि CDSCO के अधिकारियों ने करीब 15 दिन पहले ही टाइप-2 को वायरस को लेकर अलर्ट किया गया था। चूंकि उत्तर प्रदेश के हाजीपुर में जांच के दौरान एक बच्चे में इस वायरस के लक्षण पॉजिटिव पाए गए थे।

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