ताज़ा खबर
 

उत्तर प्रदेश: निजी अस्पताल के आईसीयू में नाबालिग से गैंगरेप, तीन दिनों बाद हुआ खुलासा

आरोप है कि अस्पताल के पांच कर्मचारियों ने पहले उसे नशे का इंजेक्शन दिया। आंखों पर पट्टी बांध दी और हाथ-पैर भी बांध दिए। इसके बाद सभी ने उसके साथ बारी-बारी से रेप किया।

Author November 4, 2018 2:36 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo credit- Indian express)

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक नाबालिग लड़की के साथ निजी अस्पताल के आईसीयू में गैंगरेप का मामला प्रकाश में आया है। घटना बदायूं रोड स्थित एक निजी अस्पताल की है। गैंगरेप के बाद तीन दिनों तक पीडि़ता आईसीयू में तड़पती रही। उसने इशारों में घटना की जानकारी अपने परिजनों को देने की कोशिश की लेकिन मुंह पर ऑक्सीजन मॉस्क लगा होने की वजह से परिजन उसकी बात को समझ नहीं सकें। शुक्रवार (2 नवंबर) को उसने इस घटना की पूरी जानकारी अपनी दादी को दी। इसके बाद पुलिस ने शनिवार (3 नवंबर) को केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भभौरा इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति की 16 वर्षीय बेटी को कीड़े ने काट लिया था। हालत खराब होने पर उसे बीते साेमवार को बदायूं रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। यहां उसे आईसीयू में रखा गया। बुधवार को उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ, लेकिन आईसीयू से डिस्चार्ज नहीं किया गया। आरोप है कि बुधवार के दिन अस्पताल के पांच कर्मचारियों ने पहले उसे नशे का इंजेक्शन दिया, जिसके बाद वह बेहोश होने लगी। इस समय उसके मुंह पर ऑक्सीजन मॉस्क लगा हुआ था। कर्मचारियों ने नाबालिग की आंखों पर पट्टी और हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद सभी ने उसके साथ बारी-बारी से रेप किया।

रेप की घटना के बाद भी पीडि़ता अाईसीयू में ही भर्ती थी। इस दौरान जब उसके पिता मिलने आए तो पीडि़ता ने इशारों में घटना के बारे में बताने की कोशिश की, लेकिन वे समझ नहीं पाए। तीन दिनों तक पीडि़ता तड़पती रही। शुक्रवार को आईसीयू से डिस्चार्ज होने के बाद पीडि़ता ने इस घटना के बारे में दादी को बताया। जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल में हंगामा करने लगे। रेप का आरोप अस्पताल के एक कंपाउंडर और चार सफाईकर्मियों पर लगा है।

भाजपा विधायक राजेश मिश्र के हस्तक्षेप के बाद शनिवार को सुभाष नगर थाने में पीडि़ता के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया। इस मामले पर पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “पीडि़ता के बयान के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य जुटाने की कोशिश की जा रही है।” हालांकि, अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने पीडि़ता को मेडिकल टेस्ट के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट के बाद आराेपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X