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मिशन 2019: सपा-बसपा के रुख से कांग्रेस सतर्क, यूपी में अभी से चुनाव तैयारियों में जुटी

एक कांग्रेस नेता ने बताया कि कांग्रेस ने सपा-बसपा से 15 सीटों की मांग की है, लेकिन वे मात्र 8 से 10 सीट देने पर ही राजी हैं।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव नतीजे के बाद कांग्रेस अभी से ही आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के रुख को देखते हुए पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने की संभावनाओं के अनुसार तैयारी शुरू कर दी है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस सभी तरह की परिस्थितयों को देखते हुए तैयारी कर रही है। एक पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि अभी तक बसपा और सपा कांग्रेस के साथ गठबंधन करने को लेकर चुप हैं। वे बीते 10 दिसंबर को विपक्षी पार्टियों की हुई बैठक में भी शामिल नहीं हुए।

बसपा मायावती के 63वें जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ में 15 जनवरी को एक बैठक करने जा रही है। अभी तक की जानकारी के अनुसार, इसमें कई पार्टियों को बुलाया गया है, लेकिन कांग्रेस को न्यौता नहीं दिया गया है। कांग्रेस जल्द ही कई बैठक करेगी और यूपी के लोकसभा क्षेत्रों के अनुसार प्रत्याशी चयन पर काम करना शुरू कर देगी। बता दें कि पूरे देश में लोकसभा की 543 सीटें हैं, जिनमें 80 सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही है।

उत्तर प्रदेश के ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रकाश जोशी ने कहा, “हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में कांग्रेस की वापसी के बाद पूरे देश में पार्टी के कैडरों का मनोबल बढ़ा है। हम अभी से ही चुनावी मोड में है और मिशन 2019 के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। पार्टी ने लगभग सभी 80 संसदीय क्षेत्रों में बूथ लेवल पर सम्मेलन किया है और योग्य प्रत्याशियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पार्टी राज्य में महागठबंधन में शामिल होगी या नहीं, इसका फैसला हाईकमान द्वारा किया जाएगा लेकिन संगठन सभी संभावनाओं और चुनौतियों को देखते हुए तैयारी कर रही है।”

राज्य के कांग्रेस नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व से कहा है कि बसपा और सपा पार्टी को गठबंधन के तहत ज्यादा सीटें नहीं दे सकती है और इस स्थिति से निपटने के लिए प्लान बी तैयार रखने की सलाह दी है। हालांकि, अभी तक बसपा या सपा के साथ किसी तरह की आधिकारिक बातचीत नहीं हुई है और संभावना जताई जा रही है कि दोनों पार्टियां कांग्रेस को मात्र 2 ही सीटें अमेठी और रायबरेली ऑफर कर सकती है। वहीं, एक कांग्रेस नेता ने बताया कि कांग्रेस ने सपा-बसपा से 15 सीटों की मांग की है, लेकिन वे मात्र 8 से 10 सीट देने पर ही राजी हैं।

एक बसपा नेता ने इस पूरे मामले पर किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया लेकिन कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह से राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन किया है, वह उसकी हकदार है। सपा के प्रवक्ता अब्दुल हाफिज गांधी ने कहा, “गठबंधन को लेकर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। हम एकसमान विचारधारा वाली पार्टी के साथ महागठबंधन बनाने में विश्वास करते हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा होगी या नहीं? कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक पार्टियां अपने जनाधार को मजबूत बनाने के लिए स्वतंत्र है।”

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