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बीएचयू में फिर बवाल, छात्र नेता की गिरफ्तारी पर पुलिस-स्टूडेन्ट में झड़प, बसों में आगजनी, तोड़फोड़

तीन महीने पहले बीएचयू में छात्राओं ने गैर सामाजिक तत्वों द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगाया था और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन किया था।
देखते ही देखते प्रदर्शनकारी छात्र उग्र हो गए और यूनिवर्सिटी कैम्पस में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए फिर कैम्पस में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया। (फोटो- ANI)

तीन महीने बाद बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में बुधवार को फिर से बवाल उठ खड़ा हुआ। वहां हालात तनावपूर्ण हैं।  छात्र नेता आशुतोष की गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों ने न केवल विरोध-प्रदर्शन किया बल्कि उनकी पुलिस से भी झड़प हुई। देखते ही देखते प्रदर्शनकारी छात्र उग्र हो गए और यूनिवर्सिटी कैम्पस में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए फिर कैम्पस में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने स्कूल बस को भी आग के हवाले कर दिया। फिलहाल बीएचयू में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों के मुताबिक जब प्रॉक्टर ने प्रदर्शनकारी छात्रों को समझाने की कोशिश की तो उन्हें भी छात्रों ने दौड़ा दिया।

बता दें कि समाजवादी युवजन सभा के स्टूडेन्ट लीडर आशुतोष सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इससे छात्र नाराज थे। बीएचयू-आईआईटी के प्रोग्राम में बाध पहुंचाने के आरोप में आशुतोष सिंह के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी किया गया था। इसकी तामील के लिए पुलिस आशुतोष सिंह को गिरफ्तार करने आई थी।

इधर, चीप प्रोक्टर रोयाना सिंह के मुताबिक उपद्रवी यूनिवर्सिटी के अलग-अलग गेट पर 30-35 की संख्या में पहले से ही जमा थे। ये सभी लोग अपने-अपने चेहरे पर रुमाल बांधे हुए थे ताकि उनकी पहचान न हो सके। चीफ प्रोक्टर के मुताबिक आशुतोष सिंह के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। वह एमए का छात्र है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले बीएचयू के आईआईटी में आयोजित म्यूजिकल नाइट प्रोग्राम में आशुतोष ने मारपीट और तोड़फोड़ की थी। इसी मामले में उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।

बवाल के बाद बीएचयू मेन गेट को बंद कर दिया गया था।

बता दें कि तीन महीने पहले बीएचयू में छात्राओं ने गैर सामाजिक तत्वों द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगाया था और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन किया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्राओं पर दमनकारी नीति के तहत लाठी चार्ज करवा दिया था इससे छात्र उग्र हो गए थे। उग्र छात्रों ने यूनिवर्सिटी में जमकर तोड़फोड़ की थी। इसके बाद यूनिवर्सिटी को खाली कराना पड़ा था। इस हंगामे के बाद वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया था।

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