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यूपी अजब है: मृत PCS अधिकारी का कर दिया ट्रांसफर, बना दिया बुलंदशहर का सिटी मजिस्‍ट्रेट

जानकारी के अनुसार 28 मई को 222 सीनियर पीसीएस अधिकारियों का तबादला किया गया था। इसी लिस्ट में 196वें नंबर पर मृतक सीसीएस गिरीश कुमार का नाम भी शामिल था।

पीसीएस अधिकारियों की प्रमोशन, बहाली और ट्रांसफर देखने वाले नियुक्ति विभाग ने एक ऐसा काम किया जिससे ना सिर्फ नियुक्ति विभाग बल्कि योगी सरकार को भी शर्मिंदा होना पड़ रहा है। (फोटो सोर्स ट्विटर)

उत्तर प्रदेश प्रशासन और सरकारी विभागों में हैरत अंगेज कारनामे सामने आना कोई नई बात नहीं है। इस बार यूपी में पीसीएस अधिकारियों की प्रमोशन, बहाली और ट्रांसफर देखने वाले नियुक्ति विभाग ने एक ऐसा काम किया जिससे ना सिर्फ नियुक्ति विभाग बल्कि योगी सरकार को भी शर्मिंदा होना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार 28 मई को 222 सीनियर पीसीएस अधिकारियों का तबादला किया गया था। इसी लिस्ट में 196वें नंबर पर मृतक सीसीएस गिरीश कुमार का नाम भी शामिल था। जानकारी के लिए बता दें कि नियुक्ति कार्मिक अनुभाग-2 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों के तबादले करता है जबकि अनुभाग-3 जूनियर पीसीएस के तबादले देखता है। कार्मिक विभाग की इसी लापरवाही के चलते एक मृत अधिकारी को बुलंदशहर का सिटी मजिस्ट्रेट बना दिया गया। खबर के अनुसार दो दिनों बाद भी नियुक्ति कार्मिक अधिकारों को इसकी जानकारी तक नहीं लगी। जानकारी के लिए बता दें कि कामरान रिजवी सूबे में प्रमुख सचिव नियुक्ति और कार्मिक प्रमुख हैं। पीसीएस तबादले, तबादला नीति-2017 के तहत हो रहे हैं। विपक्ष ने सरकार और प्रशासन के ढीले रवैए को लेकर निशाना साधते हुए पूछा कि कैसे एक मृत अधिकारी का तबादला कर दिया गया?

जानकारी के लिए बता दें कि मूल रूप से झारखंड के रहने वाले गिरीश कुमार वाराणसी में एसडीएम पद पर तैनात थे। बीते साल 29 नवंबर, 2016 को किसी गंभीर बीमारी की वजह से उनकी मौत हो गई थी। गिरीश कुमार की मौत के बाद बेटे को आश्रित कोटे से बेटे को वाराणसी जिला मुख्यालय में रिकॉर्ड रूम में नौकरी दी गई थी।

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