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Unnao Rape Case: सीबीआई की चार्जशीट दाखिल, भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को बनाया आरोपी

Unnao Rape Case Latest News: समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से मिली खबर के मुताबिक आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। ये चार्जशीट सीबीआई ने इस मामले की सुनवाई कर रही संबंधित कोर्ट में दाखिल की है।

आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर। (Express photo by Vishal Srivastav)

यूपी के उन्नाव के बहुचर्चित रेप कांड में रेप का आरोप पीड़िता ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर लगाया था। यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। बुधवार को समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से मिली खबर के मुताबिक आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। ये चार्जशीट सीबीआई ने इस मामले की सुनवाई कर रही संबंधित कोर्ट में दाखिल की है।

विधायक सेंगर पर बलात्‍कार का आरोप लगाने वाली पीड़ि‍ता ने बताया था कि सेंगर ने 4 जून, 2017 को नौकरी देने का वादा कर उसे अपने घर बुलाया था। उसने कहा, ‘जब मैं बीजेपी विधायक के घर पहुंची तो वह मुझे सीधे अपने कमरे में लेकर चले गए थे। विधायक का एक आदमी कमरे के बाहर पहरेदारी कर रहा था। बीजेपी नेता ने मेरे साथ दुष्‍कर्म किया था। मैं जोर से चिल्‍लाई थी, लेकिन मेरी मदद के लिए कोई भी व्‍यक्ति सामने नहीं आया था।”

पीड़िता के मुताबिक,”दुष्‍कर्म के बाद भाजपा विधायक ने मुझे सीधे घर जाने की हिदायत दी थी। उस वक्‍त में रो रही थी। उसने मेरे आंसू पोछे थे और कहा था कि वह मुझे अच्‍छी नौकरी दिलाएगा। मैंने जब शिकायत दर्ज कराने की बात कही थी विधायक ने मेरे पिता और चार साल के भाई की हत्‍या करने की धमकी दी थी।” पीड़ि‍ता ने बताया कि इस घटना के बाद वह सीधे घर पहुंची थी और बिल्‍कुल गुमसुम थी। उन्‍होंने बताया कि वह तकलीफ में थी। मेरी मां मुझसे लगातार पूछ रही थीं कि क्‍या मैं ठीक हूं? मेरी बहनों ने भी मुझसे पूछा था कि मैं मुस्‍कुरा क्‍यों नहीं रही हूं? लेकिन मैं चुप थी।

पीड़ि‍ता ने आरोप लगाया था कि विधायक कुलदीप सेंगर ने दुष्‍कर्म करने के सात दिन बाद उसे फिर से अगवा करवाया था। पीड़िता अपने घर से प्‍लम्‍बर को बुलाने के लिए निकली थी। उसी वक्‍त एसयूवी से आए तीन लोगों ने उसे अगवा कर लिया। कथित तौर पर अगले नौ दिनों तक नशीला पदार्थ खिलाकर उनके साथ दुष्‍कर्म किया जाता रहा। इस दौरान उन्‍हें अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया था।

पीड़ि‍ता ने कहा,”वे सभी मुझे लगातार दवा खिला रहे थे। एक बार मैंने भागने की कोशिश की थी, लेकिन उनलोगों ने मुझे पकड़ लिया था और फिर से दवा खिला दी थी। मैंने तीन में से दो लोगों को पहचान लिया था, क्‍योंकि वह अक्‍सर सेंगर के घर के आसपास दिखाई देता था। तीनों ने मुझे बेचने की भी कोशिश की थी। एक व्‍यक्ति ने 60 हजार रुपये में मेरा सौदा भी कर लिया था। लेकिन, पुलिस की खोजबीन के कारण वह ऐसा नहीं कर सका था।” पीड़ि‍ता की मां ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी, जिसके बाद पुलिस तलाश में जुट गई थी। तीनों को जब इसका पता चला तो उन्‍होंने मुझे वापस छोड़ दिया था। पुलिस ने बाद में शुभम सिंह, बृजेश यादव और अवध नारायण को गिरफ्तार कर लिया गया था।

बाद में ये मामला कोर्ट में पहुंच गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि पीड़ित पक्ष द्वारा पिछले साल 17 अगस्त, 2017 को ही सीएम योगी आदित्यनाथ से आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की शिकायत की गई थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि, सीएम के स्पेशल सेक्रेटरी की तरफ से उन्नाव के एसपी को इस बाबत चिट्ठी भेजी गई थी। इधर, सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना था कि इस मामले में उन्हें पहली जानकारी इस साल 9 अप्रैल को मिली। इसके बाद तुरंत मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। फिर बाद में मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया।

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