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यूपी से चल रहा था इंटरनेशनल पोर्न रैकेट, यूएस-चीन तक वीडियो सप्लाई कर रहा था 20 साल का आरोपी

यह रैकेट वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए धड़ल्ले से चल रहा था, जिसका नाम किड्स ट्रिपल एक्स (KidsXXX) था। ग्रुप में कुल 119 सदस्य थे, जिन्हें बच्चों की नग्न तस्वीरें और वीडियो नियमित भेजे जाते थे। कुख्यात चाइल्ड पोर्नोग्राफी ग्रुप के संचालक की पहचान कर ली गई है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश से चल रहे अंतरराष्ट्रीय चाइल्ड पोर्नोग्राफी रैकेट का भंडाफोड़ किया। यह रैकेट वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए धड़ल्ले से चल रहा था, जिसका नाम किड्स ट्रिपल एक्स (KidsXXX) था। ग्रुप में कुल 119 सदस्य थे, जिन्हें बच्चों की नग्न तस्वीरें और वीडियो नियमित भेजे जाते थे। इस कुख्यात चाइल्ड पोर्नोग्राफी ग्रुप के संचालक की पहचान कर ली गई है। ग्रुप का एडमिनिस्ट्रेटर 20 वर्षीय निखिल वर्मा है। उत्तर प्रदेश में कन्नौज जिले का रहने वाला वह बी.कॉम पास है। ग्रुप के सदस्य न केवल भारत में थे, बल्कि देश के बाहर भी थे। मसलन अमेरिका, चीन, न्यूजीलैंड, मेक्सिको, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ब्राजील, केन्या, नाइजीरिया और श्रीलंका के लोग भी इस ग्रुप के सदस्य थे। मामले की छानबीन के दौरान सीबीआई ने आरोपी से मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और कुछ अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। वर्मा के अलावा चार और लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है, जिनमें दिल्ली से नफीस रजा व जाहिद हैं। मुंबई से सतेंद्र ओम प्रकाश चौहान हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के नोएडा से आदर्श का नाम इसमें शामिल है।

अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई ने इस अंतरराष्ट्रीय चाइल्ड पोर्नोग्राफी ग्रुप का राजफाश करने के लिए तीन महीने तक मेहनत की। खास बात है कि इस दौरान जांच एजेंसी ने किसी भी वॉट्सऐप सर्विलांस का सहारा नहीं लिया। कम्प्यूटरों और मोबाइल फोन के आईपी ऐड्रेस के जरिए आरोपियों के ठिकाने का पता लगाया गया, जिससे वे गंदे और अश्लील फोटो-वीडियो शेयर करते थे।

बच्चों के अभद्र और अश्लील फोटो-वीडियो देखना, रखना, बनाना, रिकॉर्ड करना, अपलोड करना और उन्हें दूसरों को भेजना आईटी एक्ट, 2000 की धारा 67बी के तहत गंभीर अपराध के अंतर्गत आता है। इसमें सात साल तक के लिए सजा का प्रावधान है और 10 लाख रुपए का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

अधिकारियों का यह भी कहना है कि सीबीआई इस बात की जांच करेगी कि कहीं कोई गैंग तो ऐसे वीडियो और फोटो नहीं बनाकर वर्चुअल वर्ल्ड में बेचता है। फिलहाल, जांच एजेंसी ग्रुप के अन्य सदस्यों का पता लगाने में जुटी है, जो भारत के साथ विदेश में भी छिपे हैं।

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