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यूपी सीएम के इलाके में व्‍यापारी परिवार की आत्‍महत्‍या से सनसनी, सूदखोरों से था परेशान

मरने से पहले बड़ी बेटी ने बताया कि सभी ने कर्ज से परेशान हो खुदकुशी की है। अब परिवार में 24 साल का बड़ा बेटा रजत ही बचा है। बताया जा रहा है कि वह अलग रहकर पढ़ाई करता था।

Author February 4, 2019 3:51 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में एक व्यापारी ने परिवार के चार सदस्यों के साथ आत्महत्या कर ली। शहर में पांच आत्महत्याओं से सनसनी फैल गई। व्यापारी ने पर काफी कर्ज था। कर्ज  के कारण सूदखोर उसे परेशान किया करते थे। जिसके चलते व्यापारी ने खुद के अलावा परिवार की चार अन्य सदस्यों की जीवन लीला समाम्त करा दी। अब व्यापारी के परिवार में केवल बड़ा बेटा बचा है।

पुलिस के मुताबिक, व्यापारी रमेश चंद गुप्ता राजाघाट थानाक्षेत्र के हसनगंज इलाके में रहता था। वह महेवा मंडी में तेल घी का व्यावार करता था। व्यापारी ने पहले परिवार को जहर देकर और फिर खुद ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। मरने वालों में व्यापारी के अलावा पत्नी सरिता, 12 साल का लड़का आयुष और दो बेटियां रचना और पायल शामिल हैं। मरने से पहले बड़ी बेटी ने बताया कि सभी ने कर्ज से परेशान हो खुदकुशी की है। अब परिवार में 24 साल का बड़ा बेटा रजत ही बचा है। बताया जा रहा है कि वह अलग रहकर पढ़ाई करता था।

पुलिस ने बताया कि, शनिवार की रात रमेश गुप्ता ने परिवार के चारों सदस्यों को जहरीला पदार्थ पिलाकर सुला दिया। हमेशा की तरह व्यापारी सुबह करीब 8 बजे नीचे उतरे और सूरजकुंड रेलवे ट्रैक की तरफ चला गया। बाद में उसकी लाश ट्रैक के पास मिली। घटना के बाद पुलिस को कमरे से पाउडर और कटोरी मिली। वहीं, इस दहला देने वाली घटना के बाद पुलिस ने महेवा मंडी के दो सूदखोरों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना पर आत्महत्या करने वाले व्यापारी रमेश के भतीजे ने बताया कि, चाचा के जाने के करीब आधे घंटे बाद बड़ी बेटी रचना ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसने भाभी को बुलाकर कहा कि उसे बचा लें। जब बेडरूम जाकर देखा गया तो सभी बेड पर पड़े थे। सभी की मौत हो चुकी थी। गंभीर हालत में रचना को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां बयान देने के बाद उसकी भी मौत हो गई।

वहीं, पड़ोसियों ने बताया कि, रमेश चंद पर बहुत कर्ज था। जिसके लिए वह परेशान ही रहते थे। आए दिन कोई न कोई पैसा मांगने घर पर आता था। अगर पैसा नहीं देते थे तो वह बेईज्जती और गाली गलौच करते। दो दिन पहले भी काफी हंगाम सूदखोरों ने किया था। सूदखोर पैसे के बदले व्यापारी की गाड़ी भी उठा ले गए थे।

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