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बुलंदशहर हिंसा: हिरासत में लिया गया सेना का आरोपी जवान, FIR में था नाम

Bulandshahr Violence: फौजी के भाई ने कहा कि मेरे पास साबित करने के लिए सबूत हैं कि मेरा भाई उस साइट पर मौजूद नहीं था जहां घटना हुई। बुलंदशहर में भीड़ द्वारा हुई हिंसा में पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह और सुमित कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू फौजी को सोपोर में 22 राष्ट्रीय राइफल्स द्वारा हिरासत में लिया गया।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोलीबारी की घटना में कथित रूप से संलिप्त एक जवान को शनिवार को जम्मू एवं कश्मीर में हिरासत में ले लिया गया। बुलंदशहर की घटना में एक पुलिस अधिकारी और एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई थी। सेना सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी। जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू फौजी को सोपोर में 22 राष्ट्रीय राइफल्स द्वारा हिरासत में लिया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) उसे हिरासत में लेने के लिए देर शाम यहां पहुंच सकता है। एफआईआर में नामित सेना के जवान के भाई धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि, “मेरा भाई को षड्यंत्र में फंसाया जा रहा है, वह इंस्पेक्टर की हत्या में शामिल नहीं है। मेरे पास साबित करने के लिए सबूत हैं कि मेरा भाई उस साइट पर मौजूद नहीं था जहां घटना हुई। मैं मुख्यमंत्री से मेरी मदद करने का अनुरोध करता हूं। पिछले सप्ताह बुलंदशहर में भीड़ द्वारा हुई हिंसा में पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह और सुमित कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

आपको बता दें कि मामले का मुख्य आरोपी योगेश राज अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। बुधवार को योगेश का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह अपने को निर्दोष बता रहा है। हिंसा मामले में प्रदेश सरकार ने शनिवार को बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्णा बहादुर सिंह का तबादला कर दिया और उन्हें पुलिस महानिदेशक के कार्यालय से संलग्न कर दिया। गृह विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। राज्य सरकार ने प्रभाकर चौधरी को बुलंदशहर का नया जिला पुलिस प्रमुख बनाया है। अधिकारियों ने बताया कि बुलंदशहर में सोमवार को हुई मॉब लिंचिंग के मामले में दो और पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है। भीड़ द्वारा की गई हिंसा में एक इंस्पेक्टर और एक नागरिक की मौत हो गई थी।

मंडल अधिकारी (सीओ) सत्य प्रकाश शर्मा और चिंगरावठी पुलिस चौकी के प्रभारी सुरेश कुमार को क्षेत्र में सोमवार को हुई घटना को सही समय पर काबू में करने में नाकाम रहने पर तबादला किया गया है। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि खेत में कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यककर्ताओं द्वारा गोवंश के अवशेष मिलने के बाद बिगड़ी स्थिति को संभालने में नाकाम रहने की वजह से दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

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