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बुलंदशहर हिंसा: इंस्‍पेक्‍टर सुबोध सिंह के पत्‍नी से आखिरी शब्‍द- मैं आराम से सोना चाहता हूं

इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी ने कहा, "वह (सुबोध सिंह) बोले कि आज मुझे एसएसपी ने काफी परेशान किया है। चार बजे सोते ही उठा दिया। मैं तीन घंटे तक पैदल चला हूं। मेरे पैर बहुत थक गए हैं और मैं आराम से सोना चाहता हूं।"

इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की पत्नी गहरे सदमे में हैं. (एक्सप्रेस फोटो: गजेंद्र यादव)

सोमवार को बुलंदशहर में हिंसक भीड़ को कंट्रोल करने के दौरान मारे गए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी ने पुलिस महकमा पर ही बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने अपने पति की मौत में षडयंत्र की आशंका जाहिर की है और पुलिस विभाग की तरफ उंगली उठाई है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पति को आराम नहीं दिया जा रहा था और उनकी हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत की गयी है।

उन्होंने बताया कि सुबोध सिंह से उनकी बात हत्या वाले दिन आखिरी बार हुई। उन्होंने कहा, “वह (सुबोध सिंह) बोले कि आज मुझे एसएसपी ने काफी परेशान किया है। चार बजे सोते ही उठा दिया। मैं तीन घंटे तक पैदल चला हूं। मेरे पैर बहुत थक गए हैं और मैं आराम से सोना चाहता हूं। इसके बाद मैंने कहा कि लड़के (साथ रहने वाले) से पैर दबावाकर सो जाइए। मैं बाद में बात करूंगी”

मीडिया से बातचीत में इंस्पेक्टर सुबोध की पत्नी ने बताया कि उनके पति को मारने में बहुत बड़ा षडयंत्र हुआ है। इससे पहले दादरी के अखलाक मामले में जांच के दौरान भी उन्हें काफी धमकियां मिलती थीं। 8 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। इस दौरान परिवार का कोई सदस्य सब्जी लेने तक बाहर नहीं जा पाता था। तब हर रोज कोई ना कोई धमकी मिलती थी। उन्होंने कहा कि उनके पति बेवकूफ नहीं थे कि भीड़ से निपटने अकेले निकल पड़े। उनका फोन भी अभी तक नहीं मिला है। फोन मिलने के बाद भी काफी स्थिति साफ हो सकती है।

सुबोध सिंह की पत्नी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि उनके पति को मारने वाले गुनहगारों को तुरंत सजा मिले और उन्हें भी मारा जाए। उन्होंने बताया कि उनके पति ड्यूटी के आगे परिवार का भी ख्याल ठीक से नहीं रख पाते थे। हर वक्त बोलते थे कि बच्चों का ख्याल रखना।

पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह का परिवार न्याय की मांग कर रहा है. (फोटो सोर्स: ANI)

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