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यूपीः पूर्व मंत्री और BSP नेता नकुल दुबे कांग्रेस में शामिल, मायावती के रहे हैं करीबी, कर दिए गए थे निष्कासित

कांग्रेस में शामिल होने पर नकुल दुबे ने कहा कि आने वाले समय में हम सब मिलकर पूरे देश में कांग्रेस को और मजबूत बनाएंगे। बता दें कि वर्ष 2007-12 के दौरान यूपी की बसपा सरकार में नकुल दुबे की जबरदस्त धाक थी।

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नकुल दुबे बसपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए(फोटो सोर्स: ट्विटर/@INCUttarPradesh)।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली थी। इस चुनाव में कांग्रेस को महज दो सीटें हासिल हुईं। वहीं नतीजों से अलग कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के प्रयास में लगी हुई है। बता दें कि गुरुवार को बसपा के दिग्गज नेता रहे नकुल दुबे ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। गौरतलब है कि दुबे को पार्टी में अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के चलते बसपा से निष्कासित कर दिया गया था।

26 मई को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने नकुल दुबे को कांग्रेस में शामिल कराया। सूत्रों का कहना है कि पार्टी में आधिकारिक तौर पर शामिल होने से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से नकुल दुबे ने मुलाकात की थी। इसके बाद उनके कांग्रेस में आने का रास्ता साफ हुआ।

दुबे को कांग्रेस में शामिल कराने के मौके पर राजीव शुक्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बहुजन समाज पार्टी के स्तंभ माने जाने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री नकुल दुबे कांग्रेस में शामिल हुए हैं। हमारा मानना है कि उनके आने से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी।

वहीं यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से जानकारी दी गई, “आज दिल्ली में पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री नकुल दुबे जी बसपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए। आपका कांग्रेस पार्टी में स्वागत है। हम मिलकर प्रदेश के हित की लड़ाई लड़ेगे। जय हिंद!”

कांग्रेस में शामिल होने पर नकुल दुबे ने पार्टी के प्रति आभार जताते हुए कहा, ‘‘आने वाले समय में हम सब मिलकर सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कांग्रेस को और मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे।’’

बता दें कि वर्ष 2007-12 के दौरान यूपी की बसपा सरकार में नकुल दुबे की जबरदस्त धाक थी। उन्हें मायावती का करीबी माना जाता था। उन्होंने बतौर मंत्री कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। एक समय दुबे को बसपा के प्रमुख ब्राह्मण नेताओं में गिना जाता था। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग दलों के कई नेता कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।

दरअसल 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर होगी। इसको देखते हुए कई नेता अपना पाला बदलने की जुगत में हैं।

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