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यूपी: गवर्नर की स्पीच के दौरान बेहोश हुए सपा विधायक, ब्रेन हैमरेज का हुए शिकार

गाजीपुर जिले के सैदपुर से सपा विधायक सुभाष पासी विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान नारे लगाते समय बेहोश होकर सदन में गिर पड़े। जांच के बाद पता चला कि उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ है।

Author February 5, 2019 10:09 PM
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र। (Photo: ANI)

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार को राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण के दौरान सपा विधायक सुभाष पासी बेहोश हो गए। डाक्टरों के अनुसार उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ है। सदन में वह बेहोश होकर गिर पड़े। तुरंत उनको वहां से सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उनको किंग जार्ज मेडिकल यूनिर्विसटी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत गंभीर बताई जाती है।

किंग जार्ज मेडिकल यूनिर्विसटी के ट्रामा सेंटर प्रमुख डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि विधायक सुभाष पासी (उम्र करीब 50 साल) को दोपहर बाद ट्रामा सेंटर लाया गया। जांच के बाद पता चला कि उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ है। देर शाम उन्हें होश आ गया लेकिन अगले 48 घंटों तक डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी करेगी। गाजीपुर जिले के सैदपुर से सपा विधायक सुभाष पासी विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान नारे लगाते समय बेहोश होकर सदन में गिर पड़े। सदन में नारे लगाते लगाते बेहोश हुए सुभाष पासी को डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल ले जाया गया।

इससे पहले उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की हंगामेदार शुरुआत हुई। राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने उनकी ओर कागज के गोले उछाले और शोरगुल तथा नारेबाजी की। राज्यपाल ने पूर्वाह्न 11 बजे समवेत सदन में जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने ”राज्यपाल वापस जाओ” के नारे लगाये और नाईक की तरफ कागज के गोले फेंके। हालांकि वे उन तक नहीं पहुंच सके और सुरक्षार्किमयों ने फाइल कवर के सहारे उन्हें रोक लिया। विपक्षी सदस्यों के लगातार शोरगुल के बीच राज्यपाल ने करीब 55 मिनट में पूरा अभिभाषण पढ़ा और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का सिलसिलेवार ब्यौरा पेश किया।

विपक्षी सदस्य हाथों में तख्तियां लिये थे, जिन पर ”गठबंधन से घबराये हैं, सीबीआई ईडी लाये हैं”, ”झूठे वादे बंद करो, मुख्यमंत्री शर्म करो”, ”खेत बचाओ सांडों से, देश बचाओ चोरों से” जैसे नारे लिखे थे। विपक्षी सदस्य हाथों में पोस्टर भी लिये थे, जिनमें सीबीआई को पिंजरे में बंद तोते के तौर पर दिखाया गया था। कुछ सदस्य प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या को दर्शाने के लिये हाथों में गाय और बैल के खिलौने पकड़े हुए थे। सदन में शोरगुल और हंगामे के दौरान कुर्सी पर खड़े सपा सदस्य सुभाष पासी बेहोश होकर गिर गये। उन्हें फौरन अस्पताल पहुंचाया गया।

राज्यपाल ने अपने 30 पन्नों के अभिभाषण में प्रदेश की कानून—व्यवस्था में व्यापक सुधार होने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में आम नागरिक सुरक्षित है और महिलाएं रात में भी घर के बाहर भयमुक्त होकर निकल सकती हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाये जाने से पिछले साल के मुकाबले अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट आयी है। राज्य में पुलिस कार्रवाई के दौरान 73 अपराधी मारे गये हैं। वहीं, 7,626 गिरफ्तार किये गये हैं। अपराधियों की 179 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गयी है। वहीं, 289 अपराधियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और 10,541 अन्य के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गयी है। अभिभाषण में प्रयागराज में जारी अर्द्धकुंभ का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने प्रदेश सरकार द्वारा इस आध्यात्मिक आयोजन के लिये किये गये कार्यों का वर्णन किया।

इलाहाबाद और फैजाबाद जिलों के नाम बदले जाने को तर्कसंगत बताते हुए नाईक ने अभिभाषण में कहा कि इन जिलों के नाम बदलकर उनके सांस्कृतिक नामों को बहाल किया गया है। किसानों के कल्याण की दिशा में किये जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2018—19 में 11 लाख 27 हजार 195 किसानों से रिकॉर्ड 52 लाख 92 हजार मैट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की गयी। साथ ही खरीद के 72 घंटों के अंदर 9231.99 करोड़ रुपयों का भुगतान भी कर दिया गया।

नाईक ने दावा किया कि फरवरी 2018 में आयोजित ”यूपी इन्वेस्टर्स समिट” में चार लाख 68 हजार करोड़ रुपये के सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये गये। इनमें से 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जुलाई में शिलान्यास किया था।
ऊर्जा विभाग की परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 22 महीने में बिजली के 94 लाख कनेक्शन दिये गये, जो अपने आप में कीर्तिमान है। राज्य को इसके लिये 12 राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं।

राज्यपाल ने कहा कि पिछले महीने वाराणसी में पहला प्रवासी भारतीय दिवस सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। उन्होंने अंत में कहा, ”मैंने आपके समक्ष मेरी सरकार की प्रमुख नीतियों तथा कार्यों की संक्षिप्त रूपरेखा पेश की है। इस सत्र में वर्ष 2019—20 के वित्तीय वर्ष का आय—व्यय पेश किया जाएगा। साथ ही अन्य विधेयक भी प्रस्तुत किये जाएंगे, जिन्हें पारित करने की आपसे अपेक्षा की जाती है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रदेश की जनता के हित में सभी सदस्य सरकार का सहयोग करके दलीय निष्ठा से उपर उठकर समाधान निकालेंगे और प्रदेश के तेजी से आगे ले जाने में अपनी भूमिका का निर्वाह करेंगे। राज्यपाल ने कहा, ‘‘मैं यह भी आशा करता हूं कि आप सभी सदस्य इस सदन की उच्च गरिमा और पवित्रता को कायम रखेंगे।’’

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