ताज़ा खबर
 

2019 की तैयारी: अब ‘गले लगाओ बहनों को’ मुहिम छेड़ेगी बीजेपी, दलित-ओबीसी पर खासा जोर

बीजेपी ने मठ, मंदिर और साधु-संतों तक पार्टी के लोगों की अधिक से अधिक पहुंच सुनिश्चित करने से लेकर खेत खलिहान और हर घर के चूल्हे तक सोशल मीडिया की पहुंच बनाने का फैसला किया है।

उत्तर प्रदेश बीजेपी कार्य समिति की दो दिवसीय बैठक रविवार (12 अगस्त) को मेरठ में संपन्न हुई। मंच पर मौजूद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय। (फोटो-PTI)

उत्तर प्रदेश बीजेपी कार्य समिति की दो दिवसीय बैठक रविवार (12 अगस्त) को मेरठ में संपन्न हुई। बैठक के दूसरे दिन पार्टी ने लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए। इनमें सबसे प्रमुख है लोकसभा चुनाव में जीत का एजेंडा। पार्टी के पदाधिकारियों ने तय किया कि पीएम नरेंद्र मोदी का चेहरा, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रणनीति और संगठन के बीच सामंजस्य बैठाकर ही आम चुनाव में आगे बढ़ा जाएगा। 2019 में जीत का एजेंडा तय करते हुए पार्टी के सभी मोर्चों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत एससी-एसटी मोर्चा द्वारा समाज के उपेक्षित वर्ग की महिलाओं को गले लगाने की मुहिम छेड़ने का फैसला किया गया है।

एनबीटी के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की योजना है कि वंचित समाज की महिलाओं को जोड़ने के लिए महिला स्वयंसेवकों की अलग से टोली बनाई जाय। यह टोली वंचित समाज की महिलाओं को जोड़ने के लिए ‘गले लगाओ बहनों को’ मुहिम चलाएगी। महिला स्वयंसेवक दलित समाज की किशोरियों का पूजन भी करेगी। इस मुहिम में वंचित समाज की लड़कियों को फल, मिठाई देकर उनका सम्मान करने और उन्हें संगठन से जोड़ने की योजना है। युवा महिलाओं को जोड़ने के लिए उनके बीच सैनेटरी पैड बांटने की भी योजना बनाई गई है।

इनके अलावा मठ, मंदिर और साधु-संतों तक पार्टी के लोगों की अधिक से अधिक पहुंच सुनिश्चित करने से लेकर खेत खलिहान और हर घर के चूल्हे तक सोशल मीडिया की पहुंच बनाने का फैसला किया गया है। पार्टी ने 200 दिनों के जनजागरण का प्लान भी बनाया है। यूपी में बीजेपी धर्म की राजनीति के साथ-साथ जातीय राजनीति के दांव-पेंच भी आजमाने जा रही है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी में दलितों और पिछड़ों पर खासा जोर दिया है और हर बूथ पर दस दलित और दस पिछड़े वर्ग के युवाओं को जोड़ने का मंत्र दिया है। यानी हर बूथ, बीस यूथ का प्लान बनाया गया है। दो दिनों की बैठक में बीजेपी नेताओं ने लव जिहाद, घर वापसी, मंदिर निर्माण, गौ रक्षा और गौहत्या जैसे विषयों पर कोई बात नहीं की और कानून-व्यवस्था, सुशासन की बात की। पिछड़ों और दलितों को साधने और सपा-बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी करने के उद्देश्य से बीजेपी ने पिर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आरक्षण की मांग उठाई।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App