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सपा में जा सकते हैं बीजेपी सांसद, अखिलेश से की गुप्त मीटिंग, 2014 में छोड़ी थी कांग्रेस

जगदंबिका पाल सियासी पाला बदलने में माहिर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था लेकिन साल 1997 में नरेश अग्रवाल, राजीव शुक्ला और श्याम सुंदर शर्मा के साथ मिलकर उन्होंने अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस का गठन कर लिया था और तब राज्य की कल्याण सिंह सरकार को समर्थन दिया था।

उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद जगदंबिका पाल अब बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी में जाने की फिराक में हैं। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले वो एक बार फिर दल बदलकर संसद पहुंचने की ताक में हैं।

उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद जगदंबिका पाल अब बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी में जाने की फिराक में हैं। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले वो एक बार फिर दल बदलकर संसद पहुंचने की ताक में हैं। आज तक के मुताबिक जगदंबिका पाल को हाल ही में लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ गुप्त बैठक करते हुए देखा गया है। माना जा रहा है कि बीजेपी जगदंबिका पाल समेत करीब दो दर्जन से ज्यादा मौजूदा सांसदों का टिकट काट सकती है। लिहाजा, सभी नए ठिकाने की तलाश में भटक रहे हैं। जगदंबिका पाल इससे पहले अटलजी को श्रद्धांजलि देने के मौके पर भी सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के साथ दिखे थे लेकिन तब इसकी चर्चा नहीं हुई थी। बता दें कि जगदंबिका पाल 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। उससे पहले वो डुमरियागंज से ही कांग्रेस के सांसद थे।

जगदंबिका पाल सियासी पाला बदलने में माहिर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था लेकिन साल 1997 में नरेश अग्रवाल, राजीव शुक्ला और श्याम सुंदर शर्मा के साथ मिलकर उन्होंने अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस का गठन कर लिया था और तब राज्य की कल्याण सिंह सरकार को समर्थन दिया था। उस वक्त वो कल्याण सिंह सरकार में परिवहन मंत्री भी बनाए गए थे। बाद में वो एक दिन के लिए यूपी के मुख्यमंत्री भी बने थे। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तत्कालीन गवर्नर रोमेश भंडारी के इस फैसले को पलट दिया था और कल्याण सिंह सरकार को फिर से बहाल करवा दिया था।

इसके बाद जगदंबिका पाल फिर से कांग्रेस में लौट आए। पाल को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाया गया। साल 2009 में डुमरियागंज से कांग्रेस के टिकट पर वो लोकसभा के सदस्य चुने गए। 2014 में बीजेपी के टिकट पर उसी सीट से चुने गए। अब 2019 में साइकिल की सवारी करने की फिराक में हैं। सूत्रों के मुताबिक सपा भी उन्हें भाव दे रही है। बता दें कि बीजेपी सपा, बसपा गठजोड़ की ताकत कुंद करने के लिए सपा नेता शिवापल सिंह पर डोरे डाल रही है। ऐसे में सपा भी पाल को चारा डाल सकती है।

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