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फिर जेल जाना पसंद करूंगा लेकिन बीजेपी को 2019 में सत्ता से उखाड़ फेकूंगा, रिहाई के बाद बोले चंद्रशेखर

चंद्रशेखर ने कहा कि बीजेपी सरकार डरी हुई थी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होनेवाली है और वहां उसे मुंह की खानी पड़ती। यही वजह है कि अपने आप को बचाने के लिए सरकार ने जल्दी रिहाई का आदेश दे दिया।

भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर रावण (image source-Facebook)

भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण को यूपी सरकार ने शुक्रवार (14 सितंबर) को तड़के 2 बजकर 24 मिनट पर सहारनपुर जेल से रिहा कर दिया। वो पिछले एक साल से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत जेल में बंद थे। जेल से रिहा होते ही चंद्रशेखर ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और अपने लोगों से 2019 में बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। चंद्रशेखर ने कहा कि बीजेपी सरकार डरी हुई थी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होनेवाली है और वहां उसे मुंह की खानी पड़ती। यही वजह है कि अपने आप को बचाने के लिए सरकार ने जल्दी रिहाई का आदेश दे दिया। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि वो जल्द ही कोई घटना करा के मेरे ऊपर आरोप मढ़ देंगे और मुझे दोबारा रासुका में अंदर डाल देंगे। मेरे लोगों को चाहिए, बहुजन समाज के लोगों को चाहिए कि वो इसके लिए तैयार रहें क्योंकि ये चीजें होती रहेंगी। मैं चुप नहीं बैठूंगा तो मेरे खिलाफ ये चीजें चलती रहेंगी।”

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए चंद्रशेखर ने कहा, “उन्हें पता है कि चंद्रशेखर बाहर रहेगा तो बीजेपी सत्ता में फिर नहीं आने वाली। इसलिए किसी भी सूरत में मैं जेल जाना पसंद करूंगा लेकिन मैं अपने लोगों से कहूंगा कि वो बीजेपी को 2019 में सत्ता से उखाड़ फेकें। वो हमारे विरोधी हैं। वो हमारे लोगों के खिलाफ दोहरा चरित्र का इस्तेमाल करते हैं। एक हाथ से प्रेम करते हैं और दूसरे हाथ से चाकू भोंकते हैं। तो ऐसे लोगों को, मक्कार लोगों को सबक सिखाने का काम हमलोग सब मिलकर करेंगे।” बता दें कि गुरुवार को यूपी सरकार की तरफ से कहा गया था कि चंद्रशेखर को रिहा किया जाएगा और इसके पीछे उनकी मां द्वारा दी गई अर्जी को वजह बताया गया था।

पिछले साल मई में सहारनपुर में जातीय संघर्ष के बाद यूपी पुलिस ने चंद्रशेखर को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ्तार किया था। उन पर कानून-व्यवस्था को ध्वस्त करने के आरोप थे। इस क्रम में सरकार ने रासुका लगा दिया था। जून 2017 से वो लगातार जेल में बंद थे। चंद्रशेखर ने भीम आर्मी का गठन तीन साल पहले किया था। उनका संगठन पिछड़ी जातियों और अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों के बीच खासा प्रभाव रखता है।

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