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यदि आप मुगलों के समय की मस्जिद को खोदेंगे तो वहां मंदिर ही मिलेगा- बजरंग दल के नेता का दावा, सरकार करे सर्वे

बजरंग दल के नेता विकास त्यागी ने मांग की कि मुगल काल में बनी मस्जिदों का सर्वे करवाया जाए। सर्वे में भगवान शिव, राम, हनुमान या किसी अन्य हिंदू देवी-देवता का मंदिर ही मिलेगा।

Gyanvapi Masjid| Varanasi| uttar pradesh|
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का दृश्य (फोटो- पीटीआई)

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग के दावे के बीच बजरंग दल के नेता विकास त्यागी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि मुगल काल में बनी मस्जिदों को खोदा जाएगा तो वहां मंदिर ही मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उस समय जहां भी मस्जिद बनीं वे सभी जगह हिंदुओं से संबंधित हैं। साथ ही, मस्जिदों के सर्वे से भी ये साबित हो जाएगा कि मंदिरों को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया।

उन्होंने सर्वे की मांग करते हुए कहा कि मुगल काल में बनी मस्जिदों का सर्वे किया जाना चाहिए, ताकि ये बात सामने आए कि हिंदू मंदिरों को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया। उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद में हुई वीडियाग्राफी और फोटोग्राफी का हवाला देते हुए कहा कि इसमें वहां मंदिर होने के सुबूत सामने आए हैं, बस सर्वे में जो चीज नहीं मिली वो थी औरंगजेब की आत्मा।

उन्होंने दावा किया कि अगर उस दौरान की मस्जिदों को खोदा जाए या उनका सर्वे हो तो यकीनन भगवान शिव, राम, हनुमान या किसी अन्य हिंदू देवी-देवता का मंदिर ही मिलेगा। उन्होंने सरकार से इन मस्जिदों का सर्वे कराने की मांग की है।

काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद का मुद्दा इस समय गरमाया हुआ है। पांच महिलाओं ने याचिका दायर कर यहां ‘श्रृंगार गौरी माता’ मंदिर होने का दावा किया है। इसके बाद वाराणसी की एक अदालत ने जांच के लिए सर्वे का आदेश दिया था। वहीं, मुसलमानों ने मस्जिद में सर्वे टीम के प्रवेश को लेकर खूब हंगामा मचाया और इसका विरोध किया। हालांकि, कोर्ट के आदेश पर मस्जिद का सर्वे पूरा कर लिया गया है।

सर्वे के बाद हिंदू याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि मस्जिद में वजूह (हाथ-मुंह धोने का स्थान) करने वाली जगह पर एक शिवलिंग पाया गया। वहीं, मस्जिद कमिटी ने दावे को खारिज करते हुए कहा कि जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है, वह वास्तव में एक फुव्वारा था।

हिंदू पक्ष के दावे के बाद कोर्ट ने उस जगह को सील करने का आदेश जारी किया और वहां लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, वाराणसी की अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद प्रबंधन समिति ने सुप्रीम कोर्ट में सर्वे पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने मंगलवार (17 मई, 2022) को सुनवाई कर हिंदू पक्ष और यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि नमाज से न रोका जाए।

अदालत द्वारा नियुक्त विशेष सहायक आयुक्त एडवोकेट विशाल सिंह ने एएनआई को बताया, “सर्वेक्षण रिपोर्ट लगभग पूरी हो चुकी है और हम समय पर अदालत में रिपोर्ट जमा करने की कोशिश कर रहे हैं।”

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