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विवादित बाबरी ढांचा केस: सीबीआई कोर्ट आज से रोजाना करेगी सुनवाई, आडवाणी-जोशी समेत बीजेपी के बड़े नेताओं पर होगा आरोप तय

इसी मामले में शनिवार को राम विलास वेदांती, चम्पत राय, बीएल शर्मा, महंत नृत्य गोपाल दस और धर्मदास ने सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया था।

Author Published on: May 22, 2017 10:40 AM
कारसेवकों द्वारा क्षतिग्रस्त आयोध्या की बाबरी मस्जिद। (File Photo)

अयोध्या में राम जन्मभूमि और विवादित ढांचा विध्वंस केस में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट सोमवार से रोजाना सुनवाई करेगी। में सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार से रोजाना सुनवाई होगी। इस मामले में सीबीआई द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 13 अन्य नेताओं पर आपराधिक साजिश रचने का मुकदमा चलाया जाएगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 19 अप्रैल 2017 को लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत कई बीजेपी नेताओं पर आपराधिक मामला चलाने का आदेश सुनाया था।

बता दें कि इसी मामले में शनिवार को राम विलास वेदांती, चम्पत राय, बीएल शर्मा, महंत नृत्य गोपाल दस और धर्मदास ने सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया था। जिसके बाद उन्हें जमानत दे दी गई थी। वेदांती ने कोर्ट में अपना गुनाह कबूलते हुए कहा था कि उन्ही के कहने पर कारसेवकों ने विवादित ढांचे को गिरा दिया था। उन्होंने कहा था इस मामले में लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती को साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं का ढांचा गिराए जाने में कोई भूमिका नहीं थी। वेदांती ने कहा कि अगर राम मंदिर के लिए उन्हें फांसी पर भी चढ़ना पड़े तो वे तैयार हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या ढांचा के मुकदमें की सुनावाई के दौरान 6 अप्रैल को सभी पक्षों की दलीलें सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने 25 साल से केस लंबित होने पर चिंता जताते हुए कहा था कि मामले की सुनवाई रोज होनी चाहिए। जिससे जल्द ही इसका निपटारा हो जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर आडवाणी, जोशी सहित अन्य नेताओं पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया। सीबीआई ने इन नेताओं पर हाईकोर्ट के 20 मई 2010 के आदेश को चुनौती दी है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीजेपी के प्रमुख नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत विहिप के कई नेताओं पर सीबीआई विशेष कोर्ट में ट्रायल चलाया जाना है। सुप्रीम कोर्ट ने इन नेताओं पर ट्रायल चलाए जाने की याचिका को मंजूर करते हुए अपने आदेश में कहा कि विवादित ढांचा विध्वंस संविधान के धर्मनिरपेक्ष को झकझोर देने वाला अपराध है।

हालांकि, शीर्ष अदालत ने तत्कालिन यूपी के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को मौजूदा समय में राजस्थान के राज्यपाल पद पर होने की वजह से ट्रायल से मुक्त रखा है। अदालत ने कहा था कि कल्याण सिंह के राज्यपाल पद से हटते ही ट्रायल कोर्ट उन पर आरोप तय करेगा।

मालूम हो कि आरोप तय किए गए नेताओं में से गिरिराज किशोर और अशोक सिंघल की मौत हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में इलाहबाद हाईकोर्ट द्वारा फरवरी 2001 के निर्णय में आडवाणी व अन्य पर आरोप हटाने के फैसले को गलत बताया था।

देखिए वीडियो - अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी से कहा- "हमारे पास आपको सुनने के लिए समय नहीं"; जल्द सुनवाई से किया इंकार

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