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असदउद्दीन ओवैसी ने अंबेडकर को बताया गांधी से भी बड़ा नेता, कहा- मोदी अब ‘महात्‍मा मोदी’ बन गए हैं

ओवैसी ने सभा में कहा, "कालेधन के कुबेरों पर शिकंजा कसने की बात कहकर की गयी नोटबंदी से सिर्फ गरीबों को ही परेशानी हुई है।"

Mahatma Gandhi, BR Ambedkar, Narendra Modi, Narendra Modi Khadi Calendar, Gandhi-Ambedkar, Baba Sahab Ambedkar, Bhim Rao Ambedkar, Modi Takes Gandhi, Asaduddin Owaisi, Owaisi on Gandhi, India, Jansattaओवैसी ने कहा, ”खुद को गांधी का अनुयायी बताने वाले मोदी अब ‘महात्मा मोदी’ बन गये हैं।”

अपने बयानों के लिये अक्सर चर्चा में रहने वाले ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को महात्मा गांधी से भी बड़ा नेता करार दिया। ओवैसी ने कल यहां एक रैली में कहा कि देश में महात्मा गांधी से भी बड़े नेता तो अंबेडकर हैं। अगर बाबा साहेब देश का धर्मनिरपेक्ष तथा वर्गनिरपेक्ष संविधान नहीं बनाते तो देश में अन्याय का स्तर कहीं ज्यादा बढ़ जाता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग हालात को विकृत करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। हालांकि उन्होंने खादी ग्रामोद्योग आयोग के कैलेंडर में महात्मा गांधी के स्थान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चरखा चलाते हुए तस्वीर छापे जाने पर कहा कि खुद को गांधी का अनुयायी बताने वाले मोदी अब ‘महात्मा मोदी’ बन गये हैं। मोदी ने सोचा कि चरखा लेकर गांधी जी की जगह खुद बैठने का यही सही मौका है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि मोदी की कोई विदेश नीति नहीं है। वह सिर्फ सुनी-सुझायी बातों पर ही काम करते हैं।

ओवैसी ने सभा में कहा, ”प्रधानमंत्री बनने से पहले मोदी आतंकवाद फैलाने वाले पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के दावे करते थे, लेकिन वाहवाही लूटने के लिये की गयी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद सीमा पर हमारे 28 जवान पाकिस्तान की गोलियों का निशाना बन चुके हैं, लेकिन मोदी ने अभी तक मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया।”

उन्होंने कहा कि कालेधन के कुबेरों पर शिकंजा कसने की बात कहकर की गयी नोटबंदी से सिर्फ गरीबों को ही परेशानी हुई है। ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के ‘समाजवादी परिवार’ में जारी वर्चस्व की जंग पर कहा कि इस सूबे की सियासत उल्टी हो गयी है। वहां बेटा बाप का नहीं हो रहा है, बेटे को बाप पर भरोसा नहीं है। कुल मिलाकर सिर्फ तमाशा हो रहा है।

हैदराबाद से सांसद ने इससे पहले कहा था कि पार्टियां अल्पसंख्यकों के दिलों में ‘‘भाजपा लहर’’ का डर बैठाकर वोट पाना चाहती हैं। ओवैसी ने सवाल किया, ‘‘पार्टियां विभिन्न तरीकों से अल्पसंख्यकों का विश्वास और वोट पाना चाहती हैं। लेकिन क्या वे अल्पसंख्यकों की बेहतरी की ओर जा रही हैं?’’ ओवैसी ने लोगों ने कहा कि वह एआईएमआईएम को वोट दें और ‘‘अपनी आवाज सुनाएं।’’

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