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गड़बड़ाएगा अमित शाह का राज्यसभा का गणित! अखिलेश की डिनर पार्टी में पहुंचे ‘नाराज’ शिवपाल, राजा भैया भी आए

उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटे हैं। इसमें 324 सीटें एनडीए के पास बताई जाती हैं। विधायकों की संख्या के बल पर भाजपा अपने आठ उम्मीदवारों को आराम से राज्यसभा भेज सकती है। हालांकि, इसके बाद भी भाजपा के 28 विधायक बच जाते हैं। इस हिसाब से देखें तो अपने नौवें उम्मीदवार को जिताने के लिए पार्टी को 9 और विधायक अपने खेमे में लाने होंगे।

राज्य सभा चुनाव से ठीक पहले सपा द्वारा आयोजित रात्रि भोज में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पत्नी डिंपल यादव और राज्य सभा सासंद की उम्मीदवार जया बच्चन। (फोटो सोर्स एएनआई)

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा आयोजित रात्रिभोज में चाचा शिवपाल यादव और निर्दलीय विधायक राजा भैया के शामिल होने से अमित शाह का राज्यसभा वाला गणित गड़बड़ाता हुआ नजर आ रहा है। चूंकि अपने नौवें उम्मीदवार को जिताने के लिए भाजपा जिन विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही थी, वो अब सपा से हाथ मिलाते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल, बुधवार (21 मार्च, 2018) को अखिलेश यादव ने राज्यसभा (23 मार्च, 2018) चुनाव से पहले पार्टी के सभी विधायकों को रात्रिभोज पर बुलाया था। विरोधी खेमे में माना जा रहा था कि नाराजगी के चलते शिवपाल इसमें शामिल नहीं होंगे, लेकिन आखिरी समय में शिवपाल और निर्दलीय विधायक राजा भैया के शामिल होने से भाजपा की मुश्किलें खासी बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं। इसमें 324 सीटें एनडीए के पास बताई जाती हैं। विधायकों की संख्या बल पर भाजपा अपने आठ उम्मीदवारों को आराम से राज्यसभा भेज सकती है। हालांकि, इसके बाद भी भाजपा के 28 विधायक बच जाते हैं। इस हिसाब से देखें तो अपने नौवें उम्मीदवार को जिताने के लिए पार्टी को 9 और विधायक अपने खेमे में लाने होंगे। यूपी में एक सांसद के चुने जाने के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। अगर भाजपा को सपा के सात बागी विधायकों का साथ मिल जाता है तो उसके वोटों की संख्या 35 हो जाएगी, जो बहुमत से महज दो वोट दूर है। निषाद पार्टी के एकमात्र विधायक विजय मित्रा ने भी भाजपा का साथ देने का एलान किया था।

सब कुछ भाजपा अध्यक्ष के आंकड़ों के मुताबिक होता तो उन्हें सिर्फ एक वोट की जरूरत और रह जाती, लेकिन अंतिम समय में शिवपाल और राजा भैया के अखिलेश के रात्रिभोज में नजर आने से भाजपा की उम्मीदों पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है। बता दें कि निर्दलीय विधायक राजा भैया ने सपा और बसपा उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कही है। न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, इससे पहले दिन में हुई बैठक के बाद वरिष्ठ सपा विधायक पारसनाथ यादव ने पत्रकारो से कहा, “हम जानते हैं कि कैसे चुनाव लड़ा जाता है। हमारा प्रत्याशी चुनाव जीत रहा है और हम अपने दूसरे बसपा प्रत्याशी की जीत के प्रति भी सुनिश्चित है।” उनसे जब पूछा गया कि बैठक में कितने पार्टी विधायक गैरहाजिर थे तो उन्होंने जवाब दिया कि केवल दो विधायक गैरहाजिर थे। समाजवादी पार्टी के 47 विधायक हैं।

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