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नोटबंदी ने किया ‘बर्बाद’ तो बच्चों की पढ़ाई के लिए फेसबुक पर किडनी बेचने निकाली मां, बोली- योगी ने भी नहीं की मदद

महिला ने बच्चों की पढ़ाई के लिए स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कथित तौर पर उन्हें ताना मारते हुए कहा कि हर किसी को अपने स्टेटस के हिसाब से बच्चों को पढ़ाना चाहिए।

बच्चों की पढ़ाई के लिए किडनी भेज रही मां। (ANI Photo)

सही कहा गया है कि एक मां अपने बच्चों के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। ऐसा ही उदाहरण उत्तर प्रदेश के आगरा में देखने को मिला। यहां एक महिला अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए किडनी बेचने को मजबूर है। प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिलने के बाद हालत के आगे बेबस होकर महिला ने यह कदम उठाया। 4 बच्चों की पढ़ाई के लिए किडनी बेचने पर मजबूर महिला का दावा कि नोटबंदी ने उनका कारोबार प्रभावित किया और मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद भी मदद नहीं की गई। महिला ने सामाजिक संस्था की मदद से सोशल मीडिया (फेसबुक) पर एक लेटर पोस्ट किया, जिसमें किडनी बेचने का ऑफर दिया। इस ऑफर के तहत कोई जरुरतमंद किडनी खरीद सकता है।

एएनआई के मुताबिक आरती के चार बच्चे (तीन लड़कियां और एक लड़का) हैं जो कि सीबीएसई स्कूल में पढ़ते हैं। महिला के लिए चीजें उस समय बदल गई जब वह अपने बच्चों की फीस नहीं दे पाई। फीस नहीं देने की वजह से बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक आरती के पति का रेडिमेड कपड़ों का काम था लेकिन मोदी सरकार की नोटबंदी के बाद उनका काम बंद हो गया। जिसके कारण पैसे की तंगी शुरू हो गई और व बच्चों की फीस नहीं दे पाए। बता दें कि पिछले साल 8 नवंबर को पीएम मोदी ने नोटबंदी का ऐलान करते हुए 500 और 1000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था।

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महिला ने बच्चों की पढ़ाई के लिए स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कथित तौर पर उन्हें ताना मारते हुए कहा कि हर किसी को अपने स्टेटस के हिसाब से बच्चों को पढ़ाना चाहिए। स्थानीय प्रशासन से निराशा हाथ लगने के बाद आरती ने सीएम योगी आदित्य नाथ से मिली। सीएम की ओर से उन्हें मदद का भरोसा दिया, लेकिन अभी तक किसी भी तरह की मदद नहीं दी गई। आरती ने कहा, लोग “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारे लगाते है, लेकिन हकीकत में कोई कुछ नहीं करता है। सभी भ्रष्ठ हैं और यह सब सिर्फ वोट लेने के लिए करते हैं।

 

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