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जुनैद मर्डर केस: कहां गए वो वादे, जो कैमरे को देख कर चमके थे

सायरा कहती हैं कि ऐसे लोगों ने आश्वासनों और वादों के पिटारे उनके घर पर रख दिए थे लेकिन जब उन पिटारों को मुश्किल वक्त में खोलकर देखने की कोशिश की गई तो वह खाली नजर आए। जुनैद के पिता को अभी हाल में हृदयाघात (हार्ट अटैक) हुआ था। तब उनकी मदद को कोई नहीं आया।

Author नई दिल्ली | October 16, 2017 3:16 AM
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार उसने जुनैद की चाकू से गोद-गोद कर हत्या करने की बात कबूल की है।

सुमन केशव सिंह

वैसे तो इस मां के आंसू पूरे भारत ने पहले भी देखे थे, जब उसका बेटा उन्मादी भीड़ का शिकार हुआ था। ये जुनैद की मां सायरा हैं लेकिन इस बार सायरा की आंखों से छलकते आंसू बेटे को खोने के गम में नहीं, लोगों से टूटे भरोसे पर छलके हैं जो जुनैद की मौत पर बिना बुलाए ही पता पूछ-पूछ कर चले आए थे। ये आंसू अब उनके रवैये पर छलके हैं जो अब पता और परिचय बताने पर भी नहीं पहुंच पाते हैं। सायरा कहती हैं कि ऐसे लोगों ने आश्वासनों और वादों के पिटारे उनके घर पर रख दिए थे लेकिन जब उन पिटारों को मुश्किल वक्त में खोलकर देखने की कोशिश की गई तो वह खाली नजर आए। जुनैद के पिता को अभी हाल में हृदयाघात (हार्ट अटैक) हुआ था। तब उनकी मदद को कोई नहीं आया।

सायरा कहती हैं कि मुसलिमों के लिए रहनुमाई का झंडा बुलंद करने वाले ज्यादातर लोगों ने उनका साथ नहीं दिया। जबकि टीवी और मीडिया में आने के लिए वे अब भी उनके जख्मों का सौदा करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने सिर्फ हमारे जख्मों पर राजनीति की लेकिन जरूरत पर कभी नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि हमारी जमात वालों से अच्छे तो गैर मुसलमान हैं जिन्होंने हमारा साथ दिया। सायरा ने बताया कि माकपा नेता बृंदा करात ने उनकी बहुत मदद की। उन्होंने कहा यह लड़ाई उनकीही वजह से अब तक जारी है। सायरा ने बताया कि बृंदा करात ने 5-5 लाख के दो चेक भी दिए, जुनैद का केस लड़ने के लिए तीन-तीन वकीलों की व्यवस्था की, जुनैद के अब्बू जलालुद्दीन को हार्टअटैक आने पर नोएडा के अस्पताल में भर्ती करवाया और उसके इलाज का खर्च भी उठाया। ये बात कहते हुए उनकी भावनाओं का ज्वार फूट है और वह आंसू पोंछते हुए कहती है कि ‘गैर मुसलमान उन मुसलिमों के रहनुमाओं से तो काफी बेहतर हैं जिन्होंने हमारे दरवाजे पर आकर केवल राजनीति की। उनके लिए बस दिल से दुआ निकलती है, अल्लाह हमेशा सलामत रखे।’
अल्लाह ऐसे लोगों को देख रहा है : सायरा

जुनैद के छोटे भाई सारिक ने बताया कि अब्बू को दिल में दो स्टंट लगे हैं और दिल की एक नस का आॅपरेशन हुआ है। इस दौरान उनकी गाड़ी भी चोरी हो गई। लेकिन कोई मदद को सामने नहीं आया। परिवार ने कहा कि हमने कई लोगों से मदद मांगी पर किसी ने साथ नहीं दिया। सायरा ने कहा, ‘जब सब जगह से हार गए तब इसकी जानकारी खुशबू को हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर अभियान चलाया, वहां से उन्होंने करीब एक लाख का इंतजाम करवाया, हम उनके अहसानमंद हैं। इधर, इन बातों को सुनते हुए जुनैद की बहन के पति मोहम्मद नफीस की आंखें भर आती हैं। उन्होंने बताया कि जुनैद की मौत पर काफी लोगों ने अपना बनने की कोशिश की। जब तक कैमरे चमकते रहे, वो हमारे यहां नजर आए लेकिन मीडिया के जाते ही उनका कोई अता पता नहीं। जुनैद के छोटे भाई सारिक और बड़े भाई हाफिज हासिम का आरोप है कि एआइएमआइएम के असदुद्दीन ओवैसी ने भी टीवी पर जुनैद के मामले पर अपनी राजनीति चमकाई।

कई बार उनके मसले का जिक्र किया लेकिन कोई मदद नहीं की। उनका आरोप है कि इमरान प्रतापगढ़ी ने भी जलसों आदि में जुनैद की हत्या पर मुसलमानों का नेता बनने की कोशिश की, सोशल मीडिया पर बडेÞ-बड़े भाषण दिए। पूरी दुनिया को बताया कि वह हमारे हितैषी हैं पर असलियत यह है वह कभी मिलने तक नहीं आए। सारिक ने बताया कि उमर इल्यासी ने उन्हें खट्टर सरकार से 1 करोड़ का मुआवजा दिलवाने की बात कही थी। सायरा बीच में उसे रोकते हुए कहती हैं कि हमने उनकी बात पर विश्वास किया। जब हमने जुनैद के अब्बू की तबीयत खराब होने पर उन्हें उनका वादा याद दिलाते हुए मदद को कहा तो उनका जवाब था ‘पहले खट्टर से 10 लाख रुपए ले लो, तब एक करोड़ दिलवा देंगे।’ सायरा ने कहा ‘अल्लाह भी ऐसे लोगों को देख रहा है।’

 

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