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‘चशमीश’, ‘कालू’ जैसे शब्दों का किया इस्तेमाल तो देना पड़ सकता है 25 हजार रुपए का जुर्माना

कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया है कि फ्रेशर स्टूडेंट्स के लिए कोई ड्रेस कोड नहीं है और सीनियर स्टूडेंट को आने वाले नए छात्रों से अच्छी तरह से पेश आना चाहिए।

रैगिंग को लेकर कॉलेज ने जारी किया नोटिस। (Representative Image)

आगरा के एक मेडिकल कॉलेज ने रैगिंग करने वाले सीनियर स्टूडेंट्स को चेतावनी जारी करते हुए नोटिस जारी करते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही । साथ ही यह भी बताया कि किन शब्दों का प्रयोग करना रैगिंग की श्रेणी में आएगा। आगरा के एस एन मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने कॉलेज में नोटिस चस्पा किया है, जिसमें उन शब्दों और भावों के बारे में बताया गया है जिनको अपमानजनक माना जाता है, इनमें चश्मा पहनने वाले को ‘चशमीश’ और डार्क कलर वाले को ‘कालू’ कहना भी शामिल होगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज के एंटी रैंगिग सेल के अध्यक्ष एसके कथारिया ने कहा कि धमकाना या बहिष्कार समेत किसी भी तरह का ऐसा कृत्य जिसमें शारीरिक और मानसिक शोषण शामिल हो, किसी अन्य स्टूडेंट को टारगेट करना, जाति, धर्म, और रंग, लिग, क्षेत्र, राष्ट्रीयता आदि के आधार पर किसी भी तरह की टिप्पणी को रैंगिग के श्रेणी में गिना जाएगा। अगर कोई भी स्टूडेंट इस तरह की घटनाओं में लिप्त पाया गया तो उसे सस्पेंड, बर्खास्त या फिर हॉस्टल से निकाला जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा 25000 रुपए या उससे भी अधिक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया है कि फ्रेशर स्टूडेंट्स के लिए कोई ड्रेस कोड नहीं है और सीनियर स्टूडेंट को आने वाले नए छात्रों से अच्छी तरह से पेश आना चाहिए। कथारिया ने कहा कि कॉलेज की ओर से किसी भी स्टूडेंट को छोटे बाल रखने या यूनिफॉर्म पहनने या तय दुकान से किताब खरीदने के संबंध में कोई भी नियम नहीं बनाया गया है। अगर किसी सीनियर छात्र को इसका दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज के प्रिंसिपल का कहना है कि एंटी रैगिंग टीमों का गठन किया जा चुका है और अगर भी कोई स्टूडेंट, अपने जूनियर का शोषण करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में केरल के कोट्टायम में रैगिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। कोट्टायम के पॉलिटेक्निक कालेज के 6 सीनियर स्टूडेंट्स पर फर्स्ट ईयर के एक स्टूडेंट के साथ रैंगिग करने का आरोप लगा था। आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित को शराब पीने के लिए मजबूर किया, शराब में पाउडर जैसा कुछ मिलाया गया था। यही नहीं उनसे मल्टी पुश- अप्स जैसी हैवी कसरत भी करवाई। हॉस्टल में हुई इस रैंगिग में दो छात्र छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिनमें से एक छात्र की किडनी डैमेज हो गई थी।

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