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अलीगढ़: एबीवीपी का आरोप- पुलिसवालों ने तोड़ डाली ‘भारत माता’ की तस्वीर

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एबीवीपी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस द्वारा उनके कार्यालय में लगी 'भारत माता' की तस्वीर को तहस-नहस कर दिया गया।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जिला इकाई ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस ने बीते 26 नवंबर को हंगामा किया और उनके कार्यालय में लगी ‘भारत माता’ की तस्वीर को तहस-नहस कर दिया। इस मामले में अलीगढ़ जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। एबीवीपी के सदस्यों ने यह भी दावा किया कि पुलिस के इशारे पर दो ऑडियो क्लिप बनाए गए और वायरल हो रहे हैं। ऑडियो क्लिप में दो लोग यह कहते सुने जा रहे हैं कि यह सब एबीवीपी के द्वारा किया गया है। हालांकि, अलीगढ़ के एसएसपी अजय कुमार साहनी ने तमाम आरोपों को खारिज किया है।

पुलिस के अनुसार, 26 नवंबर को एएसपी नीरज कुमार जदाउन के नेतृत्व में पुलिस की टीम अचल्तर एरिया में वाहन चेकिंग कर रही थी। वे उन गाडि़यों की चाबी जब्त कर रहे थे, जिस पर सवार लोग हेलमेट नहीं पहने हुए थे या जिनके पास कागजात नहीं थे। इस दौरान एबीवीपी के जिला संयोजक सेतु चौधरी की गाड़ी की चाबी भी ले ली गई क्योंकि उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था।

चौधरी ने कहा, “जब मैंने उन्हें चाबी वापस करने और चालान काटने को कहा तो पुलिसवालों ने दुर्व्यवहार किया। वहां से मैं एबीवीपी कार्यालय गया और अपने साथियों को इसके बारे में जानकारी दी। इसके बाद हम एएसपी नीरज कुमार के पास गए और चाबी वापस करने को कहा। वे हमें गाली देने लगे और पुलिसवालों से हमें वाहन में बैठाने को कहा। इसके बाद वहां भीड़ इक्ट्ठा होने लगी। हम पुलिस के इस व्यवहार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। इसी दौरान कुछ पुलिसवाले एबीवीपी कार्यालय में प्रवेश कर गए और वहां तोड़फोड़ करने लगे। भारत माता की तस्वीर तोड़ डाली।” घटना के बाद एसएसपी ने चार कॉस्टेबल को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया।

एबीवीपी अलीगढ़ इकाई के संयोजक ननक राजपुत ने कहा, “दो दिनों बाद एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ, जिसमें दो लोग यह कहते सुने जा रहे हैं कि एबीवीपी ऑफिस में हंगामा उनके सदस्यों द्वारा ही किया गया था। हमने पाया कि इसमें एबीवीपी के पूर्व सदस्य अमित गोस्वामी और सौरभ चौधरी की आवाज है। दोनों को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से तीन साल पहले ही निष्काषित कर दिया गया था। एक दिन बाद, एक और ऑडियो क्लिप वायरल हुआ, जिसमें सौरभ चौधरी एक सीनियर पुलिस अधिकारी से बात करते हुए सुने जा रहे हैं।”

इस पूरे मामले पर एबीवीपी के राज्य आयोजन समिति सचिव जयकरण ने कहा, “हमने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जिलाधिकारी से जांच की मांग की क्योंकि ये ऑडियो क्लिप पुलिस के इशारों पर बनाए गए और वायरल किए गए।” वहीं, एसएसपी साहनी ने कहा, “मैंने पहले ही जांच के आदेश दे दिए हैं। आरोप है कि पुलिसवालों ने एबीवीपी ऑफिस के अंदर हंगामा किया है, यह झूठा है। ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद चारो निलंबित कॉस्टेबलों को फिर से सेवा में बहाल कर दिया गया है।

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