ताज़ा खबर
 

उत्तर प्रदेश: सूखे 20 हजार तालाब, 50 हजार कुएं

सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 30 बरस में राज्य के 20000 तालाब और 50000 हजार कुएं या तो सूख गए या पाट दिए गए हैं।

आंध्र प्रदेश में जिला अधिकारियों ने पीने का पानी और छाछ वितरित कराना शुरू किया है जिससे गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके। साथ ही लोगों को यह राय दी गई है कि दिन में 11 से 4 के बीच अपने घरों से न निकलें। आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में गर्मी से राहत लेने तालाब में नहाने जाता युवक। (Photo: AP)

रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून। रहीम ने जिस दौर में यह दोहा लिखा होगा, उस वक्त उन्हें शायद ही इस बात का इल्म हो कि पानी कुछ इलाकों में सूख हलक भी तर कर पाने के लिए मयस्सर नहीं होगा। आज उत्तर प्रदेश का यही हाल हो रहा है। यहां भूजल तेजी से गिर रहा है। उसकी सबसे बड़ी वजह पानी का बेतहाशा दोहन तो है ही, वे तालाब और कुएं भी हैं जिनपर बढ़ती आबादी को छत मयस्सर कराने के लिए कंकरीट के जंगल तान दिए गए। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 30 बरस में राज्य के 20000 तालाब और 50000 हजार कुएं या तो सूख गए या पाट दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश में भूगर्भ जल का संकट गहराता जा रहा है। पूरा बुन्देलखण्ड और उससे आगे विन्ध्य पर्वतमाला का पूरा इलाका पानी की बेतहाशा कमी का शिकार है। पहाड़ों की बेतहाशा कटाई के कारण उससे रिसकर भूमि तक पहुंचने वाले जल की धार भी खासी प्रभावित हुई है। यह वह जल है जो वर्षा के दौरान भूमि में समाहित होता था। डा. वीके जोशी कहते हैं, जब तक सरकार नदियों के किनारे खनन से सख्ती से निपटने की इच्छा शक्ति नहीं दिखाएगी, भूगर्भ जल के संचयन के सारे प्रयास बेमानी साबित होंगे।  नए पौधे रोपकर इस दिशा में सरकार को गंभीर प्रयास करने होंगे। बिना ऐसा हुए भूगर्भ जल का संचयन कर पाना बेहद कठिन है।

 

 

 

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 अमेठी- कल-कारखाने पी रहे सारा पानी और बना रहे हैं विषैला
2 बदायूं: योगी राज में अपराधियों के हौसले बुलंद, बदमाशों ने पति को पेड़ से बांधकर पत्‍नी के साथ किया गैंगरेप
3 योगी आदित्यनाथ के अफसरों की अशोभनीय हरकत, कार्यक्रम में सीएम नहीं पहुंचे तो बच्चों से छीन ली किताबें और स्कूल बैग