नोएडा में हाल ही में कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने सहित कुछ अन्य मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन हिंसक हो गया था। अहम बात यह है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने 22 कर्मचारी के साथ 2 घंटे तक बातचीत की और इसके बाद न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला लिया गया।
कर्मचारियों ने सरकार को बताया कि कमरे का किराया बहुत ज्यादा है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा बढ़ाए गए वेतन के बारे में बताया। योगी सरकार ने उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ भी बैठक की। इसमें उद्यमियों ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत और ऑर्डर रद्द होने की परेशानी को सामने रखा। कुल मिलाकर सात घंटे तक बैठकें हुई।
इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने का फैसला किया। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार रात को 12:30 बजे वेतन बढ़ाने के फैसले को मंजूरी दी।
हरियाणा सरकार ने की थी 35% की बढ़ोतरी
सूत्रों का यह भी कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने को लेकर विचार कर रही थी क्योंकि अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव भी होने हैं लेकिन 9 अप्रैल को हरियाणा सरकार ने न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी की और उसके बाद नोएडा में भी जब हालात बिगड़े तो सरकार ने इस मामले में तेजी से फैसला लिया।
इस फैसले की प्रक्रिया में शामिल सीनियर अफसरों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि सोमवार शाम को करीब 5 बजे समिति के सदस्य ग्रेटर नोएडा पहुंचे और उन्होंने अलग-अलग उद्योगों और कारखानों के 22 कर्मचारियों के साथ बातचीत की। इसके बाद उद्योगपतियों के साथ बैठक की और फिर समाधान निकालने की दिशा में कदम बढ़ाए गए।
यह भी सामने आया कि गुरुग्राम और नोएडा के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की तुलना की गई और यह पता चला कि नोएडा का सीपीआई गुरुग्राम से कम है इसलिए हरियाणा सरकार ने जितनी बढ़ोतरी की, उतनी नहीं की जा सकती।
योगी सरकार ने एक्सपर्ट्स से बातचीत की और 2014 के सीपीआई को आधार मानकर और इसकी तुलना वर्तमान सूचकांक से करते हुए एक सूत्र तैयार किया गया। इसके बाद यह फैसला लिया गया कि नोएडा और गाजियाबाद में 21% न्यूनतम वेतन बढ़ाया जाएगा।
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में इतनी हुई न्यूनतम मजदूरी
अब गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अन स्किल्ड कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मजदूरी 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये, सेमी स्किल्ड कर्मचारियों के लिए 12,455 रुपये से बढ़ाकर 15,059 रुपये और स्किल्ड कर्मचारियों के लिए 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दी गई है।
नगर निगम वाले 16 जिलों में न्यूनतम मजदूरी में 15% की बढ़ोतरी की गई है। इनमें आगरा, अलीगढ़, बरेली, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ , मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर, शाहजहांपुर, फिरोजाबाद, मथुरा, अयोध्या, झांसी और वाराणसी शामिल हैं। इन शहरों में अन स्किल्ड कर्मचारियों के लिए 12,356 रुपये, सेमी स्किल्ड कर्मचारियों के लिए 13,591 रुपये और स्किल्ड कर्मचारियों के लिए मजदूरी 15,224 रुपये होगी।
57 जिलों में 9% की बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश के बाकी 57 जिलों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 9% की बढ़ोतरी की गई है। इनमें अमेठी, अमरोहा, बांदा, गाजीपुर, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, श्रावस्ती, सोनभद्र, पीलीभीत, मैनपुरी, इटावा, मुज़फ्फरनगर, शामली, सुल्तानपुर, उन्नाव, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, बहराइच, चंदौली आदि जिले शामिल हैं।
इन जिलों में अन स्किल्ड कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मजदूरी 12,356 रुपये, सेमी स्किल्ड कर्मचारियों के लिए 13,591 रुपये और स्किल्ड कर्मचारियों के लिए 15,224 रुपये होगी।
नोएडा में उग्र प्रदर्शन करने वाले श्रमिक क्यों हैं नाराज?
नोएडा फेज-2 में हुए उग्र विरोध प्रदर्शन में पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि उनकी सैलरी इतनी कम है कि उससे रोजमर्रा के खर्चे भी पूरे नहीं हो पा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना था कि कंपनियां उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
