उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार के एक हफ्ते बाद रविवार को नए मंत्रियों को विभाग आवंटित कर दिए गए। योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार के तहत 10 मई को दो कैबिनेट मंत्री और चार राज्य मंत्री बनाए गए थे, दो राज्य मंत्रियों को तरक्की देकर स्वतंत्र प्रभार का राज्य मंत्री बनाया गया था।
दो कैबिनेट मंत्रियों में से उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग आवंटित किया गया है जबकि समाजवादी पार्टी के बागी विधायक मनोज कुमार पांडेय को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग दिया गया है।
स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री के पद पर पदोन्नत किये गये अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर को क्रमशः खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग दिये गये हैं।
सुरेंद्र दिलेर को मिला राजस्व विभाग
चार नए राज्य मंत्रियों कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को भी उनके विभाग आवंटित कर दिए गए हैं। पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग दिया गया जबकि दिलेर को राजस्व विभाग, विश्वकर्मा को एमएसएमई विभाग और राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग का राज्य मंत्री बनाया गया है।
‘पीडीए’ की काट और जातीय समीकरण साधने की कोशिश
बीजेपी ने मंत्रिमंडल विस्तार में समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की काट और अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपने जातीय समीकरण मजबूत करने की कोशिश की थी। मनोज पांडेय ब्राह्मण समुदाय से हैं, जबकि भूपेंद्र चौधरी, हंसराज विश्वकर्मा, सोमेंद्र तोमर, अजीत सिंह पाल और कैलाश राजपूत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आते हैं। वहीं, कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर दलित समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं।
गैर-यादव पिछड़ों में जाट, गुर्जर, लोध, गड़रिया और विश्वकर्मा जातियों का खासा प्रभाव माना जाता है। सपा पिछले कुछ समय से ‘पीडीए’ समीकरण को केंद्र में रखकर राजनीति कर रही है। सपा ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इसी नारे के सहारे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 37 सीटों पर जीत हासिल की थी। ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल कांग्रेस को छह सीट मिली थीं।
कृष्णा पासवान फतेहपुर जिले की खागा सीट से विधायक हैं, जबकि सुरेंद्र दिलेर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की खैर सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। मनोज पांडेय रायबरेली जिले की ऊंचाहार सीट से विधायक हैं। विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा वाराणसी से भाजपा के जिलाध्यक्ष हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज के अंतर्गत आने वाली तिर्वा सीट से भाजपा विधायक कैलाश राजपूत को मंत्री बनाकर पार्टी ने लोध बिरादरी में अपनी पकड़ मजबूत करने और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश की।
सरकार ने राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल को स्वतंत्र प्रभार देकर अति पिछड़ी गड़रिया जाति में भी अपने समीकरण मजबूत करने का प्रयास किया। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल भी इसी बिरादरी से आते हैं।
भूपेंद्र चौधरी जाट समाज के प्रमुख नेताओं में माने जाते हैं। वह पहले भी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
