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9 फरवरी को निकाह पढ़ा जाना था, शौहर के घर में टॉयलेट न पाकर लड़की ने तोड़ा रिश्‍ता

हालात से गुजरने वाले जरदोजी कारीगर नूर अली ने बताया, ''मेरी मां तब ट्रेन की चपेट में आ गई थीं जब वह बाहर शौच के लिए गई थीं। उसके बाद मैंने अपने घर में एक शौचालय बनाने की कोशिश की लेकिन डालीगंज कब्रिस्तान के प्रभारी ने यह दावा करते हुए आपत्ति की कि जमीन कब्रिस्तान की है।

Author January 14, 2019 6:43 PM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया है। (Image Source: pixabay)

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में डालीगंज स्थित एक शख्स के घर में टॉयलेट न होने पर उसे शादी से भी हाथ धोना पड़ा। ठाकुरगंज के मोअज्जाम नगर की रहने वाली महिला को जैसे ही पता चला कि उसकी होने वाली ससुराल में टॉयलेट नहीं है तो उसने शादी करने से इनकार कर दिया। शादी इसी अगले महीने नौ फरवरी को होनी थी। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक इस हालात से गुजरने वाले जरदोजी कारीगर नूर अली ने बताया, ”हम चार भाई और तीन बहन हैं। मेरी मां तब ट्रेन की चपेट में आ गई थीं जब वह बाहर शौच के लिए गई थीं। उसके बाद मैंने अपने घर में एक शौचालय बनाने की कोशिश की लेकिन डालीगंज कब्रिस्तान के प्रभारी ने यह दावा करते हुए आपत्ति की कि जमीन कब्रिस्तान की है। हालांकि कुछ अन्य लोगों को उनके घरों में शौचालय बनाने की अनुमति दे दी गई थी।”

कारीगर ने आगे कहा, ”डालीगंज कब्रिस्तान के आसपास 22 घर हैं और ज्यादातर में टॉयलेट नहीं हैं क्योंकि उन्हें बनाने की अनुमति नहीं दी गई। सभी घर कम आमदनी वाले लोगों के हैं, ज्यादातर मुस्लिम जरदोजी कारीगरों के घर हैं। अब मैं यहां से जाने की सोच रहा हूं।” उसने कहा, ”मैंने दुल्हन पक्ष से आग्रह किया था कि शादी के लिए मना न करें क्योंकि सभी तैयारियां हो गई थीं- बैंड बुक हो गया था और शादी की जगह भी तय हो गई थी।” अली ने यह भी कहा कि कॉलोनी के सदस्यों ने लखनऊ नगर निगम के अधिकारियों से सीवर लाइनों और शौचालयों के निर्माण के लिए संपर्क किया था, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ।

हालांकि अतिरिक्त नगरपालिका आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि लखनऊ खुले में शौच से मुक्त हैं। उन्होंने कहा, ”मैं उस जगह जाऊंगा और देखूंगा कि क्या समस्या थी जिसका सामना वह परिवार कर रहा है लेकिन लखनऊ खुले में शौच से मुक्त है क्योंकि हमारे पास 360 से ज्यादा सामुदायिक शौचालय हैं जिनमें 350 स्कवॉयकर किलोमीटर इलाके में साढ़े हजार सीटें लगी हैं। इसका मतलब है कि प्रति स्कवॉयर किलोमीटर में एक टॉयलेट है।” अधिकारी ने आगे कहा कि लखनऊ नगर निगम घरों के भीतर भी 15 हजार टॉयलेट बना चुका है। सैकड़ों जागरुकता अभियान चलाए गए हैं। टॉयलेट न होने के कारण नूर अली की शादी टूटने पर अधिकारी ने खेद जताया लेकिन खुशी भी जताई कि लोग खासकर लड़कियां और महिलाएं इसे लेकर जागरुक हो रही हैं।

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