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यूपी की इस जेल के अंदर से वॉट्सऐप ग्रुप चला रहे कैदी, दिवाली सेलिब्रेशन के बाद सेल्फी भी भेजी

रिपोर्ट के साथ उसी वॉट्सऐप ग्रुप का स्क्रीनशॉट भी साझा किया गया, जिसमें ग्रुप का नाम- 'ग्रुप सचिन दादा' लिखा था।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (File Photo-Reuters)

उत्तर प्रदेश में दिवाली के दौरान एक जेल में कैदियों ने जमकर जश्न मनाया। जेल परिसर में कड़े सुरक्षा इंतजाम होने के बाद भी उन्होंने मोबाइल कैमरे से सेल्फियां-फोटो क्लिक कर कुछ वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए दोस्तों को भेजे। बाद में वे तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिनके जरिए इस मामले से पर्दा उठा। ऐसे में जेल प्रशासन के उन तमाम दावों की कलई खुल गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।

‘नवभारत टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला आजमगढ़ जिले के मंडलीय कारागार का है। कैदी जेल के अंदर से जो वॉट्सऐप ग्रुप चलाते हैं, उसमें तकरीबन 200 से अधिक बाहरी लोगों के ग्रुप मेंबर होने की बात सामने आई है। इन लोगों में कुछ कारोबारियों, नेताओं और धनी लोगों के नाम हैं। हालांकि, वॉट्सऐप ग्रुप में किसका-किसका नाम है? इस बारे में अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

रिपोर्ट के साथ उसी वॉट्सऐप ग्रुप का स्क्रीनशॉट भी साझा किया गया, जिसमें ग्रुप का नाम- ‘ग्रुप सचिन दादा’ लिखा था। तस्वीरों के साथ कैदियों ने मैसेज में दिवाली की शुभकामनाएं दी थीं। खबर में आगे बताया गया कि ये फोटो सीओ सिटी रह चुके आईपीएस अधिकारी आशुतोष पांडे के हमराही को गोली मारने वाले सचिन पांडे ने ग्रुप पर अपलोड की थीं, जो इस ग्रुप का एडमिन भी है।

ग्रुप में दिवाली बधाई संदेश आने के बाद बाकी मेंबर्स ने उस पर पड़े फोटोज सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर पोस्ट कर दिए। इनमें नजर आ रहे लोगों को सचिन, मनचोभा गांव निवासी रूदल यादव, अतरौलियाका निवासी सचिन पांडे (दूसरा), शनि राय, सुजीत तिवारी और अकबर बताए गए। अखबार ने इन तस्वीरों और वॉट्सऐप ग्रुप के आधार पर इस मामले को लेकर जेल प्रशासन से भी बात करनी चाही, मगर कोई राजी न हुआ।

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