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टीवी डिबेट में गर्माया माहौल तो खड़े हो चीखने लगे पैनलिस्ट, भाजपा नेता से बोलीं SP की नेता- कवि सम्मेलन है क्या?

महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर सपा की नेता ने सरकार को घेरा, तो भाजपा नेता ने गिना दिए रोजगार के आंकड़े।

SP, BJP, TV Debateसपा नेता जूही सिंह और भाजपा नेता अमित पुरी के बीच टीवी डिबेट में हुई तीखी बहस।

देशभर में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। वहीं, रोजगार के मुद्दे पर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इन मुद्दों को लेकर शुक्रवार को एक टीवी डिबेट के दौरान सपा और भाजपा नेता आपस में भिड़ गए। सपा की ओर से महिला पैनलिस्ट ने ईधन के दाम बढ़ने के साथ महंगाई और बेरोजगारी तक का मुद्दा उठा दिया और भाजपा को घेरने की कोशिश की।

न्यूज 18 के शो भैयाजी कहिन में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में जब एंकर प्रतीक त्रिवेदी ने लोगों से सवाल पूछे, तो एक व्यक्ति ने खड़े होकर आरोप लगाया कि राज्य सरकार में एक भी भर्ती पूरी नहीं हुई है। इस पर जब भाजपा नेता ने कहा कि 67 हजार टीचरों की जॉइनिंग हो गई। हालांकि, इस पर पैनलिस्ट ने कहा कि 67 हजार हाईकोर्ट में है। पुलिस की भर्ती में 10 हजार लोग दिल्ली में बैठे हैं। वे सुप्रीम कोर्ट में लड़कर गए हैं। एक भी भर्ती नहीं हुई है। सिर्फ 16 नर्सें ही भर्ती की गई हैं बस।

इसी दौरान सपा की एक नेता ने खड़े होकर कहा, “आप जैसे लोग कविता में लोगों को उलझाएंगे। नौजवानों की बात का जवाब नहीं देंगे। रोजगार देंगे नहीं, महंगाई आप मानेंगे, लेकिन कम नहीं कर सकते, तो किस तरह की सरकार हैं आप? और जब आप से कुछ पूछा जाएगा तो शेर सुनाएंगे। ये कोई कवि सम्मेलन थोड़ी ही न चल रहा है। आप महंगाई पर बात कीजिए।”

हालांकि, इस पर भाजपा नेता ने जवाब में कहा, “यह वे भर्तियां हैं, जिनमें किसी भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष को कोर्ट ने हटाया नहीं। पांच-पांच भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष सपा सरकार में ऑन रिकॉर्ड करप्शन पर हटाए गए। वो कौन सा भर्ती बोर्ड था हमें बताएं। वे कोर्ट ऑफ लॉ के फैसले हटाए गए थे। वो नहीं दिखता इन्हें।”

बता दें कि विपक्ष लगातार महंगाई और पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र सरकार ज्यादा एक्साइज ड्यूटी लेकर आम जनता पर तेल के दामों से ज्यादा टैक्स का बोझ डाल रही है। वहीं, सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम बढ़ने की वजह से घरेलू स्तर पर भी तेल के दामों में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, इस पर जल्द ही काबू पाने की बात भी कही गई है।

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