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यूपी: रेप पीड़‍िता के सामने दरोगा ने की गाली-गलौज, एक बोला- सती-सावित्री बनी हैं

अधिकारी ने कहा कि वीडियो को अगर गंभीरता से देखेंगे तो पीड़िता को गाली देने की बात नहीं आ रही है, जो आरोपी है उसके बारे में जरूर अप्रिय भाषा का इस्तेमाल हुआ और किस संदर्भ में ये बातें कही जा रही हैं.. वहां कुछ पत्रकार भी दिख रहे हैं.. इसलिए पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है...

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक थाने में शिकायत लेकर पहुंची रेप पीड़िता के सामने दरोगा कथित तौर पर असभ्य तरीके से पेश आया। दरोगा रेप पीड़िता के सामने ही कथित तौर पर गाली-गलौज करता हुआ वीडियो में कैद हो गया। संस्थान की गरिमा और मर्यादा का ध्यान रखते हुए वह वीडियो हम आपको नहीं दिखा सकते हैं। हद तो तब हो गई जब दरोगा के सामने ही एक शख्स रेप पीड़िता को बुरा-भला कहने लगा। वीडियो में पीड़िता से शख्स कहता हुआ सुनाई देता है, ”सती-सावित्री बनी हैं।” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दरोगा के इस व्यवहार पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सफाई दी। अधिकारी ने कहा कि वीडियो को अगर गंभीरता से देखेंगे तो पीड़िता को गाली देने की बात नहीं आ रही है, जो आरोपी है उसके बारे में जरूर अप्रिय भाषा का इस्तेमाल हुआ और किस संदर्भ में ये बातें कही जा रही हैं.. वहां कुछ पत्रकार भी दिख रहे हैं.. इसलिए पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है, अगर अप्रिय भाषा का प्रयोग करने की बात आती है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।

पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि पुलिस विभाग में इस तरह की भाषा बिल्कुल क्षम्य नहीं है । उन्होंने कहा कि संबंधित प्रकरण में पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और 363, 366 आपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि पहले भी पुलिस द्वारा बुरे बर्ताव के मामले सामने आते रहे हैं। अक्सर जन-सामान्य के बीच यह सुना जाता है कि पुलिस के इसी व्यवहार के चलते कई दफा लोग शिकायतें करने से कतराते हैं। बता दें कि यूपी पुलिस को लेकर बागपत जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया जो सुर्खियों में बना हुआ है।

एक हेड कॉन्सटेबल पर आरोप लगा है कि उसने एक 55 वर्षीय अज्ञात शख्स की लाश को मिट्टी का तेल, प्लास्टिक, टायर और कूड़ा-करकट के जरिये जला दिया। आरोपी हेड कॉन्सटेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया था जिसे देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि तीन दिनों तक लाश के बारे में कोई जानकारी नहीं लगने पर हेड कॉन्सटेबल जयवीर सिंह को अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन लगता है कि उसने अंतिम संस्कार का पैसा अपने पास रख लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक लावारिस शव का अंतिम संस्कार करने के लिए पुलिसवाले 2700 रुपये दिए जाते हैं। वहीं, आरोपी जयवीर सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि श्मशान की लकड़ियां गीली होने पर उसने मिट्टी के तेल, प्लास्टिक और टायर आदी का इस्तेमाल करके आग लगाई।

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