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लखनऊः मजदूर-रिक्शा चालकों से खरीदते थे खून फिर केमिकल-पानी मिलाकर बेचते थे, STF ने 7 को पकड़ा

लखनऊ में एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। प्रदेश की राजधानी में यूपी एसटीएफ की टीम ने देर रात मड़ियांव स्थित दो अस्पतालों में छापे मारकर 8 यूनिट मिलावटी खून बरामद किया है।

Author लखनऊ | October 26, 2018 3:11 PM
प्रतीकात्मक फोटो फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस

उत्तरप्रदेश की राजधानी में एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। लखनऊ में यूपी एसटीएफ की टीम ने देर रात मड़ियांव स्थित दो अस्पतालों में छापे मारकर 8 यूनिट मिलावटी खून बरामद किया है। एसटीएफ ने दबिश के दौरान 7 लोगों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी खून में केमिकल और पानी मिलाकर इस गोरखधंधे को अंजाम देते थे। 15 दिनों तक रेकी करने के बाद एसटीएफ ने इस कार्यवाही को अंजाम दिया। फिलहाल एसटीएफ ब्लड बैंक के दस्तावेज और कर्मचारियों के ब्यौरों को खंगाल कर अपनी जाँच को आगे बढ़ा रही है।

खून में मिलावट करने वाले गिरोह का सरगना नसीम नामक व्यक्ति बताया जा रहा है। उसी की निशानदेही पर यूपी एसटीएफ ने देर रात तक फैजुल्लागंज में दबिश जारी रखी। इस बड़े भंडाफोड़ को लेकर शुक्रवार को डीजीपी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेस हो सकती है। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार मड़ियांव में खून का काला खेल काफी अर्से से चला आ रहा था। एसटीएफ ने सबूत और साक्ष्यों को जुटाने और पुख्ता करने के उद्देश्य से करीब 15 दिनों तक ब्लड बैंक की। जानकारी जुटाने के बाद एसटीएसफ के डिप्टी एसपी अमित नगर के नेतृत्व में देर रात छापेमारी चलती रही।

इस काले कारोबार को लेकर एसटीएफ ने बताया कि आरोपी केमिकल और पानी मिलाकर दो से तीन यूनिट खून बनाते थे। इस ब्लड बैंक में किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं थी और बिना मेडिकल डिग्री के कर्मचारी यहां काम कर रहे थे। गिरफ्तार हुए युवक सिर्फ इंटर तक की पढ़ाई किये हुए है। इस गोरखधंधे से जुड़े लोग एक यूनिट मिलावटी खून के बदले 3500 रूपये वसूलते थे। ये गिरोह मजदूर तथा रिक्शाचालकों से 1000-1200 रूपये तक में खून खरीदता था और फिर उसमे केमिकल और पानी मिलाकर मिलवाटी खून तैयार करता था।

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