उत्तर प्रदेश की पटियाली विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव में एक बार फिर सियासी मुकाबला दिलचस्प रहने की उम्मीद है। समाजवादी पार्टी की कोशिश 2022 में मिली जीत को बरकरार रखने की होगी जबकि भारतीय जनता पार्टी इस सीट पर दोबारा कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पिछले तीन विधानसभा चुनावों में यहां सपा और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। 2012 और 2022 में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की जबकि 2017 में भाजपा ने बाजी मारी थी।
कासगंज जिले की पटियाली विधानसभा सीट एटा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती है। यहां शाक्य, यादव, मुस्लिम, लोधी और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के मतदाता चुनावी नतीजों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में 2027 का यूपी चुनाव भी स्थानीय मुद्दों, जातीय समीकरणों और उम्मीदवारों की लोकप्रियता के इर्द-गिर्द घूमता नजर आएगा।
पटियाली विधानसभा सीट पर हुए पिछले तीन विधानसभा चुनावों के विेजेता
| वर्ष | विजेता | पार्टी |
| 2022 | नादिरा सुल्तान | समाजवादी पार्टी |
| 2017 | ममताेश | भारतीय जनता पार्टी |
| 2012 | नजीवा खान ज़ीनत | समाजवादी पार्टी |
2022 विधानसभा चुनाव परिणाम
2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की नादिरा सुल्तान ने 91958 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा की ममतेश शाक्य को 4001 वोटों से हराया। भाजपा उम्मीदवार को 87957 वोट मिले। वहीं बसपा के नीरज किशोर मिश्रा को 30626 वोट और जन अधिकार पार्टी के विवेक कुमार को 2225 वोट मिले।
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| पार्टी | उम्मीदवार | वोट |
| समाजवादी पार्टी (SP) | नादिरा सुल्तान | 91,958 |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | ममताेश शाक्य | 87,957 |
| बहुजन समाज पार्टी (BSP) | नीरज किशोर मिश्रा | 30,626 |
| जन अधिकार पार्टी | विवेक कुमार | 2,225 |
2017 विधानसभा चुनाव परिणाम
2017 में भाजपा की ममतेश ने 72414 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। समाजवादी पार्टी की किरण यादव को 68643 वोट मिले और वह 3771 वोटों से चुनाव हार गईं। बसपा के धीरेंद्र बहादुर सिंह चौहान (धीरू) को 44131 वोट जबकि महान दल के श्यामसुंदर को 10586 वोट मिले।
| पार्टी | उम्मीदवार | वोट | वोट प्रतिशत |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | ममतेश | 72,414 | 35.98% |
| समाजवादी पार्टी (SP) | किरण यादव | 68,643 | 34.11% |
| बहुजन समाज पार्टी (BSP) | धीरेंद्र बहादुर सिंह चौहान (धीरू) | 44,131 | 21.93% |
| महान दल | श्यामसुंदर | 10,586 | 5.26% |
2012 विधानसभा चुनाव परिणाम
2012 में समाजवादी पार्टी की नजीवा खान ज़ीनत ने 62493 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की थी। बसपा के सूरज सिंह शाक्य को 34718 वोट मिले। महान दल के श्याम सुंदर गुप्ता को 28181 वोट जबकि भाजपा के राजेंद्र सिंह चौहान को 23918 वोट हासिल हुए।
| पार्टी | उम्मीदवार | वोट | वोट प्रतिशत |
| समाजवादी पार्टी (SP) | नजीवा खान ज़ीनत | 62,493 | 35.44% |
| बहुजन समाज पार्टी (BSP) | सूरज सिंह शाक्य | 34,718 | 19.69% |
| महान दल | श्याम सुंदर गुप्ता | 28,181 | 15.98% |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | राजेंद्र सिंह चौहान | 23,918 | 13.56% |
पटियाली विधानसभा सीट का सामाजिक समीकरण
-शाक्य (कुशवाहा/मौर्य) वोटर सबसे प्रभावशाली समूहों में माने जाते हैं। भाजपा और सपा दोनों इस वर्ग को साधने की कोशिश करती हैं। 2017 में भाजपा ने ममतेश शाक्य को उम्मीदवार बनाया जबकि 2022 में भी भाजपा ने इसी समुदाय पर दांव लगाया।
-मुस्लिम मतदाता सीट पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। 2022 में सपा ने नादिरा सुल्तान को उम्मीदवार बनाया और मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण के सहारे जीत दर्ज की।
-यादव मतदाता समाजवादी पार्टी का पारंपरिक आधार माने जाते हैं और चुनावी परिणामों में अहम भूमिका निभाते हैं।
-लोधी, ठाकुर (राजपूत), ब्राह्मण और अन्य ओबीसी मतदाता भी अच्छी संख्या में हैं। भाजपा का प्रदर्शन काफी हद तक इन वर्गों के साथ-साथ गैर-यादव ओबीसी वोटों पर निर्भर रहता है।
-अनुसूचित जाति (SC) मतदाता भी उल्लेखनीय संख्या में हैं। 2011 की जनगणना के आधार पर इस विधानसभा क्षेत्र में SC आबादी लगभग 16% के आसपास आंकी गई है।
2027 में किसके पक्ष में बनेगा माहौल?
पटियाली सीट पर पिछले तीन चुनावों में सत्ता का समीकरण बदलता रहा है। 2012 में सपा, 2017 में भाजपा और 2022 में फिर सपा ने जीत दर्ज की। ऐसे में 2027 का चुनाव भी कांटे का मुकाबला होने की संभावना है। भाजपा इस सीट पर वापसी की कोशिश करेगी जबकि सपा अपने कब्जे को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। स्थानीय मुद्दे, जातीय समीकरण और उम्मीदवारों का चयन इस सीट के चुनावी नतीजे तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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