ताज़ा खबर
 

Ayushman Card देख अस्पताल में नहीं किया भर्ती, मरीज लेकर दर-दर भटकते रहे परिजन

गाजियाबाद में आयुष्मान कार्ड वालों को कई अस्पतालों ने इलाज करने से मना कर दिया है। इसके कारण परिजन मरीज को लेकर दर बदर भटकते रहे हैं।

Author गाजियाबाद | Published on: November 27, 2019 5:08 PM
प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मरीज के पास आयुष्मान कार्ड होने से अस्पताल वालों द्वारा इलाज करने से इनकार करने की बात सामने आई है। बता दें कि इस योजना के तहत मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। हालात इतने बुरे हैं कि गंभीर रुप से बीमार रोगियों को भी डाक्टर आयुष्मान कार्ड को देखते ही बाहर का रास्ता दिखा दे रहे हैं। ऐसे ही एक मरीज कर्मवीर (45) को यह कहकर वापस लौटा दिए कि उनका यहां इलाज नहीं हो पाएगा। यही नहीं राज्य के अलग अलग इलाके से ऐसी ही खबरें सामने आ रही हैं।

कर्मवीर के पास पैसे नहीं थेः बता दें कि नगर निगम में बतौर चालक के रुप में काम करने वाले कर्मवीर के गाड़ी के नीचे दो बाइक सवार आकर घायल हो गए। इसके बाद उन्होंने उन्हें इलाज के लिए शिवम अस्पताल ले गए थे। वहां से लौटते हुए उनको ब्रेन स्ट्रोक आ गया औ वह वहीं गिर पड़े। इस घटना के बाद अस्पताल वालों ने उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया और बहुत खर्चा होने की बात कही। इस दौरान कर्मवीर के परिवार वाले वहां पहुंचे और उनका आयुष्मान कार्ड देखाकर इलाज करने को कहा। परिवार वालों ने बताया कि कार्ड देखते ही डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया।

Hindi News Today, 27 November 2019 LIVE Updates: बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

कई अस्पतालों ने इलाज से किया मनाः कर्मवीर के शिवम अस्पताल द्वारा इलाज के लिए मना करने पर परिवार वाले उन्हें अन्य अस्पताल ले गए। लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने आयुष्मान कार्ड को देखकर उनका इलाज करने से मना कर दिया और तरह तरह के बहाने करने लगे। इलाके के गणेश अस्पताल और यशोदा अस्पताल ने भी उपचार नहीं किया। अंत में परिवार वालों ने डॉ बीडी अरोड़ा नर्सिंग होम में भर्ती कराकर उनका इलाज करवाया। परिवार वालों का यह भी आरोप है कि शिवम अस्पताल वालों ने शुरुआती इलाज और वहां ठहरने के लिए उनसे 25 हजार रुपए भी वसूले हैं।

कई और जगहों पर भी नहीं हो रहा इलाजः बताया जा रहा है कि आयुष्मान कार्ड से लाभ पाने वाले एक कानपुर के नागरिक को भी कार्ड होने के बावजूद उनका इलाज नहीं हुआ है। किडनी की बीमारी से झेल रहे 75 वर्षीय मांगेराम को मेडिकल कॉलेज से निकाल कर निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज करने से मना कर दिया था। इस तरह से राज्य के कई इलाकों से ऐसी खबरें आ रही है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 पांच महीने में ही जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार का यू-टर्न, वापस लिया आरक्षण विधेयक
जस्‍ट नाउ
X