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पासपोर्ट विवाद में नया मोड़, जांच में फर्जी निकले कई दावे, रद्द हो सकता है तन्वी सेठ का पासपोर्ट!

तन्वी सेठ के पासपोर्ट को लेकर नई बात सामने आई है। लखनऊ पुलिस की जांच में तन्वी द्वार किए गए कई दावे फर्जी निकले हैं। तन्वी ने लखनऊ में रहने का दावा किया था, लेकिन छानबीन में उनके नोएडा में रहने की बात सामने आई है। इस मामले पर अब विदेश विभाग को आगे की कार्रवाई करनी है।

तान्या सेठ ने विदेश मंत्री से शिकायत की तो 24 घंटे के अंदर उन्हें पासपोर्ट मिल गया।

मोहम्मद अनस सिद्दीकी और तन्वी सेठ से जुड़े पासपोर्ट विवाद में नया मोड़ आ गया है। जांच में पासपोर्ट बनवाने के लिए तन्वी द्वारा किए गए कई दावे फर्जी पाए गए हैं। ऐसे में उनका पासपोर्ट जब्त किया जा सकता है। लखनऊ पुलिस की अब तक की जांच में इसका खुलासा हुआ है। तन्वी ने लखनऊ में ही रहने का दावा किया था, लेकिन पुलिस जांच में उनका यह दावा झूठा निकला है। तन्वी सेठ ने पासपोर्ट ऑफिस को बताया था कि वह पति अनस सिद्दीकी के साथ नोएडा में नौकरी करती हैं, लेकिन उनका काम ऐसा है कि लखनऊ में घर में रह कर भी वह इसे कर लेती हैं। लखनऊ ने उनके इस दावे की छानबीन शुरू की तो कुछ और ही तथ्य सामने आए। जांच अधिकारियों ने तन्वी के मोबाइल नंबर की डिटेल निकाली तो पता चला कि 14 जून से पहले वह नोएडा में ही रह रही थीं। मालूम हो कि पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होता है। ‘एबीपी न्यूज’ के अनुसार, तन्वी सेठ मामले में लखनऊ के कैसरबाग थाना ने रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें लखनऊ में रहने का उनका दावा झूठा निकला है। पड़ोसियों ने बताया कि तन्वी पति के साथ नोएडा में ही रहती हैं। बताया जाता है कि तन्वी पासपोर्ट बनवाने के लिए लखनऊ गई थीं। उन्होंने 19 जून को पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था।

20 जून को पासपोर्ट अधिाकरी से हुई थी कहासुनी: तन्वी सेठ की पासपोर्ट ऑफिस में सीनियर सुपरिंटेंडेंट विकास मिश्रा से 20 को कहासुनी हुई थी। इसमें पासपोर्ट अधिकारी ने कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी की थी। अब पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट के बाद पासपोर्ट विभाग पशोपेश में है, क्योंकि जांच रिपोर्ट के बाद अब तन्वी का पासपोर्ट जब्त करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। बता दें कि रीजनल पासपोर्ट ऑफिस चाहे तो तन्वी के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। झूठी जानकारी देने के कारण उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया जा सकता है। नियमानुसार कोई भी व्यक्ति जिस पते पर छह महीने से रह रहा तो उनका पासपोर्ट उसी पते पर बनेगा। सेना, केंद्रीय पुलिस बल और छात्रों को इस नियम से छूट प्रादन की गई है। इस प्रावधान के तहत नोएडा में रहने वाली तन्वी को पासपोर्ट के लिए गाजियाबाद पासपोर्ट ऑफिस में आवेदन करना चाहिए था। अब इस मामले पर अंतिक कार्रवाई विदेश विभाग को करना है।

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