Noida Assembly Seat: राजधानी नई दिल्ली से सटी यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले की नोएडा विधानसभा सीट पर पहला चुनाव 2012 में हुआ। इससे पहले यह क्षेत्र दादरी विधानसभा सीट का हिस्सा था। परिसीमन (delimitation) के बाद साल 2012 में नोएडा विधानसभा सीट पर हुए पहले चुनाव में बीजेपी के महेश शर्मा ने जीत दर्ज की।

2012 विधानसभा चुनाव में भाजपा के महेश शर्मा ने बहुजन समाज पार्टी के ओमदत्त शर्मा को हराया। इसके बाद साल 2014 में नोएडा विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। उपचुनाव की वजह महेश शर्मा का लोकसभा चुनाव जीतना था। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

नोएडा विधानसभा चुनाव परिणाम 2012

क्रमप्रत्याशीपार्टीवोट
1महेश कुमार शर्मा बीजेपी 77319
2ओमदत्त शर्माबीएसपी 49643
3सुनील चौधरी एसपी 42071

नोएडा विधानसभा चुनाव परिणाम 2017

2014 में हुए नोएडा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की विमला बाथम ने सपा की काजल शर्मा को 58952 वोटों से हराया था। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बीजेपी के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह को मैदान में उतारा। उन्होंने यहां बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

क्रमप्रत्याशीपार्टीवोट
1पंकज सिंह बीजेपी 162417
2सुनील चौधरी एसपी 58401
3रविकांत बीएसपी 27365

नोएडा विधानसभा चुनाव परिणाम 2022

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने पंकज सिंह को प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में पंकज सिंह डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। बीजेपी नोएडा में लगातार चार विधानसभा चुनाव जीत चुकी है। इसी वजह से मौजूदा समय में नोएडा को बीजेपी के मजबूत गढ़ के तौर पर देखा जाता है।

क्रमप्रत्याशीपार्टीवोट
1पंकज सिंह बीजेपी244319
2सुनील चौधरी एसपी62806
3कृपा राम शर्मा बीएसपी16292

नोएडा का सामाजिक समीकरण

लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नोएडा विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा संख्या ब्राह्मण मतदाताओं की है। यहां वैश्य, दलित और मुस्लिम मतदाता भी अच्छी संख्या में हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव में नोएडा में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या करीब 1,50,000 थी। इसके बाद वैश्य (1,20,000) मतदाताओं का नंबर आता है। नोएडा में दलित और मुस्लिम वोटर 70,000 के करीब हैं। यहां गुर्जर, राजपूत मतदाताओं की संख्या भी पचास हजार से ज्यादा बताई जाती है।

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इस विधानसभा सीट पर बीते दो विधानसभा चुनावों में बीजेपी के प्रत्याशियों ने अच्छे मार्जिन से जीत दर्ज की है, जबकि साल 2012 और साल 2007 में यहां बसपा के राकेश बाबू ने जीत हासिल की थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

(यह खबर कल्याणी चौधरी ने की है। वह जनसत्ता डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं।)