आजकल की शादियों में डीजे की बुकिंग आम बात है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में एक परिवार को बेटे की शादी में डीजे बजवाना भारी पड़ गया। शादी के बाद गांव की पंचायत ने एक मत से इस परिवार का हुक्का-पानी बंद करने का फरमान जारी किया और गांव में मुनादी भी करा दी। ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए इस गांव की पंचायत ने पूर्व में फैसला लिया था कि अब किसी भी शादी में डीजे नहीं बजेगा, लेकिन आरोप है कि इस परिवार ने पंचायत के पुराने आदेश का उल्लंघन किया है।
ग्रेटर नोएडा का है मामला
मामला ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र में नवादा गांव का है। जानकारी के मुताबिक डीजे से ध्वनि प्रदूषण होने के मुद्दे पर गांव में दो महीने पहले पंचायत हुई थी। इस पंचायत में तय हुआ था कि डीजे से ध्वनि प्रदूषण तो होता ही है, सामाजिक माहौल भी खराब होता है। ऐसे में गांव की सीमा में डीजे बजाने पर स्थाई तौर पर रोक लगा दी गई। कहा गया कि अब जो भी व्यक्ति शादी, विवाह या किसी अन्य समारोह में डीजे बजाएगा, उसका हुक्का-पानी बंद हो जाएगा। मतलब सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया।
इसके बावजूद भी ग्राम निवासी एक व्यक्ति ने पंचायत के इस निर्णय को नजरअंदाज करते हुए सोमवार रात अपने बेटे की शादी में डीजे बजवाया। जिसको लेकर गांव में नाराजगी फैल गई और मंगलवार को ग्रामीणों की एक पंचायत बुलाई गई। पंचायत में पूर्व प्रधानाचार्य नरपत नागर और ग्राम प्रधान राजे सिंह नागर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जहां वरिष्ठ ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत के फैसले की खुली अवहेलना गांव की एकता और सामाजिक अनुशासन के खिलाफ है।
सामाजिक बहिष्कार का पंचायत ने सुनाया फैसला
लंबी चर्चा के बाद पंचायत ने सर्वसम्मति से उक्त परिवार के सामाजिक बहिष्कार का फैसला सुनाया। इसके तहत अब गांव का कोई भी उक्त परिवार के सदस्यों को अपने शादी-विवाह या अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में निमंत्रण नहीं देगा। साथ ही, ग्रामीण उनके घर आयोजित किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। पंचायत के इस फैसले के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे गांव में मुनादी कराई गई।
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