उत्तर प्रदेश की मारहरा विधानसभा सीट एटा जिले की प्रमुख विधानसभा सीटों में शामिल है। पिछले तीन विधानसभा चुनावों के नतीजों पर नजर डालें तो यहां मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच रहा है। 2012 में सपा ने जीत दर्ज की लेकिन 2017 और 2022 में बीजेपी ने लगातार दो चुनाव जीतकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
2022 में BJP ने सपा को हराया
2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के वीरेंद्र सिंह लोधी ने 1,01,387 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। समाजवादी पार्टी के अमित गौरव 83,778 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दोनों के बीच 17,609 वोटों का अंतर रहा।
बीएसपी के योगेश कुमार को 16,900 वोट मिले जबकि कांग्रेस उम्मीदवार तारा राजपूत को महज 852 वोट मिले। चुनाव परिणाम से साफ है कि मारहरा में मुख्य मुकाबला बीजेपी और सपा के बीच रहा।
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| उम्मीदवार | पार्टी | वोट |
| वीरेंद्र सिंह लोधी | BJP | 1,01,387 |
| अमित गौरव | SP | 83,778 |
| योगेश कुमार | BSP | 16,900 |
| तारा राजपूत | कांग्रेस | 852 |
2017 में भी BJP की जीत
2017 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी के वीरेंद्र ने बाजी मारी थी। उन्हें 92,507 वोट मिले, जबकि सपा के अमित गौरव को 59,075 वोट हासिल हुए। बीजेपी ने यह चुनाव 33,432 वोटों के अंतर से जीता था।
बीएसपी के शलभ माहेश्वरी 31966 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। यानी 2012 के मुकाबले 2017 में बीजेपी ने इस सीट पर अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली थी।
| उम्मीदवार | पार्टी | वोट |
| वीरेंद्र | BJP | 92,507 |
| अमित गौरव | SP | 59,075 |
| शलभ माहेश्वरी | BSP | 31,966 |
| कैलाश लोधी | JAM | 2,168 |
2012 में सपा का था दबदबा
2012 के विधानसभा चुनाव में तस्वीर बिल्कुल अलग थी। समाजवादी पार्टी के अमित गौरव ने 61827 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में वीरेंद्र 39571 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।
अमित गौरव ने वीरेंद्र को 22256 वोटों के अंतर से हराया था। वहीं बीजेपी के उम्मीदवार को सिर्फ 7562 वोट मिले थे।
| उम्मीदवार | पार्टी | वोट |
| अमित गौरव | SP | 61,827 |
| वीरेंद्र | JaKP | 39,571 |
| नन्नू सिंह | BSP | 30,340 |
| विपिन कुमार | BJP | 7,562 |
तीन चुनावों में बदली मारहरा की तस्वीर
पिछले तीन चुनावों के नतीजे देखें तो मारहरा में राजनीतिक तस्वीर तेजी से बदली है। 2012 में जहां सपा ने जीत हासिल की थी वहीं 2017 और 2022 में बीजेपी ने लगातार दो बार सीट अपने नाम की।
| चुनाव वर्ष | विजेता | पार्टी | वोट | जीत का अंतर |
| 2022 | वीरेंद्र सिंह लोधी | BJP | 1,01,387 | 17,609 |
| 2017 | वीरेंद्र | BJP | 92,507 | 33,432 |
| 2012 | अमित गौरव | SP | 61,827 | 22,256 |
जातीय समीकरण भी अहम
मारहरा विधानसभा सीट पर लोधी और यादव मतदाताओं की अच्छी पकड़ मानी जाती है। चुनावी रिपोर्टों के मुताबिक, यहां करीब 65 हजार लोधी, 55 हजार यादव और लगभग 55 हजार अनुसूचित जाति के मतदाता हैं। इसके अलावा क्षत्रिय, ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाता भी चुनावी समीकरण में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बीजेपी को जहां लोधी और गैर-यादव ओबीसी वोटों से मजबूती मिलती है। वहीं सपा का आधार यादव और मुस्लिम वोट माने जाते हैं। हालांकि जीत के लिए दोनों दलों को दूसरे सामाजिक समूहों में भी सेंध लगानी होगी।
2027 के लिहाज से देखें तो लोधी वोट बीजेपी की ताकत हैं जबकि यादव वोट सपा के लिए अहम हैं। इसके अलावा SC और दूसरे OBC समूहों का रुख सीट का परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
2027 में किसके पक्ष में जाएगा समीकरण?
मारहरा में बीजेपी के सामने अपनी पकड़ बरकरार रखने की चुनौती होगी जबकि समाजवादी पार्टी के लिए यह सीट दोबारा हासिल करना अहम होगा। पिछले चुनाव में बीजेपी ने जीत तो दर्ज की लेकिन सपा उम्मीदवार ने भी 83 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे। ऐसे में 2027 में मुकाबला फिर बीजेपी और सपा के बीच दिलचस्प रहने की उम्मीद है।
2012 से 2022 तक का चुनावी ट्रेंड यही बताता है कि मारहरा में सत्ता का समीकरण स्थायी नहीं रहा है। सपा के बाद बीजेपी ने लगातार दो चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत की है। अब 2027 में स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार और दोनों दलों का वोट मैनेजमेंट यह तय कर सकता है कि मारहरा में बीजेपी का दबदबा कायम रहता है या सपा वापसी करती है।
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