X

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस से हिरासत में लिए गए कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर

कथावाचक को पकड़ने के बाद उनके कुछ समर्थक आपे से बाहर हो गए। आनन-फानन में पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।

उत्तर प्रदेश में जाने-माने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मंगलवार (11 सितंबर) दोपहर वह आगरा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए थे। पुलिस ने उन्हें तब पकड़ा, जब वह कमला नगर स्थित रेस्त्रां में कॉन्फ्रेंस शुरू करने ही वाले थे। पुलिसकर्मी इसके बाद उन्हें एक होटल ले गए, जहां उनसे पूछताछ की गई। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेजा गया। कथावाचक को पकड़ने के बाद उनके कुछ समर्थक भी आपे से बाहर हो गए थे। आनन-फानन में पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।

कथावाचक पर आरोप था कि आगरा में उनकी एंट्री बैन होने के बाद भी वह कार्यक्रम में हिस्सा लेने आ आए थे। हालांकि, देर शाम निजी मुचलके पर उन्हें पुलिस लाइंस से छोड़ दिया गया। आपको बता दें कि कथावाचक एससी-एसटी एक्ट में हुए संशोधनों के खिलाफ सवर्णों के आंदोलन की अगुवाई भी कर चुके हैं। कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में वह इस मसले पर विरोध करते नजर आए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कथावाचक की खंदौली में सभा होनी थी। प्रशासन ने इसके लिए उन्हें मंजूरी नहीं दी थी। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र की हत्या है।”

देखें कैसे प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच मौके पर धमक पड़ी थी पुलिस

ठाकुर से पूछा गया, “आगरा में आपके आने पर मनाही थी। फिर भी आप यहां आए?” जवाब में वह अधिकारियों से बोले, “मेरे खंदौली जाने पर रोक लगाई गई थी, न कि आगरा आने पर। मैं यहां अपने गुरु का हाल-चाल जानने आया था।”

पुलिस वाहन में इस तरह ले जाए गए कथावाचक

उधर, मशहूर कवि कुमार विश्वास ने इस घटना को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “जातिगत वोटों की बेशर्म लालसा में इस सरकार ने पहले तो संसद में एससी-एसटी बिल लाकर बाबा साहेब द्वारा प्रदत्त और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिष्ठित समान नागरिक अधिकारों का अपहरण किया। अब उसका विरोध रहे कथावाचक को गिरफ्तार कर सरकार ने सिद्ध कर दिया कि अहंकार विवेक का अपहरण कर चुका है।”

  • Tags: agra, State news,