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यूपी में छोटे दलों संग एडजस्टमेंट, बड़े दलों से अब नहीं होगा गठबंधन; अखिलेश यादव का स्पष्ट संकेत

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश से पूछा गया था कि क्या वो अपने चाचा की पार्टी से गठबंधन कर सकते हैं? सपा अध्यक्ष ने कहा कि उस पार्टी को भी एडजेस्ट करेंगे। जसवंतनगर उनकी (शिवपाल) सीट है। सपा ने वो सीट उनके लिए छोड़ दी है।

Uttar Pradesh Legislative Assembly election 2022सपा प्रमुख अखिलेश यादव। (एएनआई)

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ किया है कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी किसी बड़े दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने शनिवार (14 अक्टूबर, 2020) को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य में छोटे दलों से गठबंधन होगा मगर बड़े दलों से अबकी बार गठबंधन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगले यूपी विधानसभा चुनाव में सपा राजनीतिक प्रतिद्वंदी शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (PSP) गठबंधन करेगी और सरकार बनने पर अपने चाचा को कैबिनेट में जगह देंगे। शिवपाल यादव, मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश से पूछा गया था कि क्या वो अपने चाचा की पार्टी से गठबंधन कर सकते हैं? सपा अध्यक्ष ने कहा कि उस पार्टी को भी एडजेस्ट करेंगे। जसवंतनगर उनकी (शिवपाल) सीट है। सपा ने वो सीट उनके लिए छोड़ दी है और आने वाले समय में उनके लोग मिलें, सरकार बनाएं, हम उनके नेता को कैबिनेट मंत्री भी बना देंगे… और क्या एडजस्टमेंट चाहिए?

पूर्व में शिवपाल यादव भी सपा से गठबंधन की बात कर चुके हैं। बता दें कि साल 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अखिलेश और शिवपाल के बीच तल्खी बहुत बढ़ गई थी। शिवपाल ने बाद में सपा से अलग होकर PSP का गठन कर लिया था।

अखिलेश ने भाजपा पर बिहार विधानसभा के हालिया चुनाव में महागठबंधन को बेईमानी से हराने का आरोप लगाते हुए कहा कि सबसे ज्यादा जनसमर्थन महागठबंधन की रैलियों में था। जितने भी सर्वे हुए उन सभी में महागठबंधन को ऐतिहासिक जीत की तरफ बताया गया था लेकिन जब मशीन खुली, परिणाम आया, नतीजे रोके गए और जीत के प्रमाण पत्र किसी और को दे दिए गए।

उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों के पिछले दिनों हुए उपचुनाव में सपा का प्रदर्शन आशा के अनुरूप ना रहने के सवाल पर अखिलेश ने कहा ‘जब चुनाव जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी, थानाध्यक्ष और सिपाही लड़ेंगे तो और कौन जीतेगा? उपचुनाव में भाजपा चुनाव नहीं लड़ रही थी बल्कि उसकी सरकार के अधिकारी लड़ रहे थे।

प्रदेश के पूर्व सीएम ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और अन्याय का सबसे ज्यादा विकास भाजपा की सरकार में हुआ है। अगर कोई जनता को अपमानित कर रहा है और उसे तकलीफ दे रहा है तो जनता को जब मौका मिलेगा तो वह उस सरकार को बाहर कर देगी।

इस मौके पर बड़ी संख्या में बसपा और कांग्रेस के नेता तथा कार्यकर्ता सपा में शामिल हो गए। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सपा को और मजबूती मिलेगी। (एजेंसी इनपुट)

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