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यूपी: घरेलू कलह में खा लिया था सल्‍फास, नौजवान आईपीएस सुरेंद्र कुमार की मौत

30 वर्षीय कुमार कानपुर में सिटी एसपी पद पर तैनात थे। वह मूलरूप से बलिया के रहने वाले थे और 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। कैंट स्थित आवास पर उन्होंने बुधवार को सल्फास खा लिया था।

Surendra Kumar, IPS Officer, Death, Died, Consume, Poison, Family Tension, SP City, Kanpur, UP, State News, Hindi News30 वर्षीय कुमार कानपुर में सिटी एसपी पद पर तैनात थे। (फोटोः ANI)

उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार (नौ सितंबर) को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी सुरेंद्र कुमार की मौत हो गई। वह रावतपुर क्रॉसिंग के पास रीजेंसी अस्पताल में भर्ती थे। घरेलू कलह के चलते उन्होंने पांच दिन पहले सल्फास खा लिया था। उन्हें बुधवार को यहां भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक प्रकट किया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने बताया, “सल्फास से होने वाली प्वॉइजनिंग के कारण 12 बजकर 19 मिनट पर उनका निधन हो गया। हमने पूरी कोशिश की, लेकिन हम उन्हें बचा न सके।” 30 वर्षीय कुमार कानपुर में सिटी एसपी पद पर तैनात थे। वह मूलरूप से बलिया के रहने वाले थे और 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। कैंट स्थित आवास पर उन्होंने सल्फास खा लिया था।

आनन-फानन में उन्हें उर्सला हॉर्समैन अस्पताल ले जाया गया था, जहां से बाद में उन्हें रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को उनके इलाज के लिए मुंबई से डॉक्टरों की एक टीम आई थी।

एसएसपी अनंत देव ने गुरुवार को बताया था कि आईपीएस अधिकारी ने घरेलू कलह के कारण सल्फास खाया। खबर लिखे जाने तक जांच में भी यही सामने आया कि वह पिछले कुछ दिनों से बेहद तनाव में थे। रिपोर्ट्स की मानें तो  उन्होंने सल्फास खाने से पहले गूगल सर्च इंजन पर खुदकुशी करने के तरीके भी सर्च किए थे।

नौजवान आईपीएस अधिकारी की जान बचाने के लिए 16 साथी अफसरों ने रात-दिन एक कर दिए थे। उत्तर प्रदेश और नई दिल्ली में इलाज के लिए एक खास मशीन नहीं मिली, तो साथियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सहायता से उसे मंबुई से मंगवा लिया। डॉक्टरों की टीम उस मशीन को लेकर चार्टर्ड प्लेन से कानपुर पहुंची थी।

रिपोर्ट्स में रीजेंसी अस्पताल के डॉक्टरों के हवाले से कहा गया कि अगर सुरेंद्र को बचाने के लिए विदेश ले जाया जाता, तो उनका इलाज इसी तरह से होता। उससे बेहतर कुछ और नहीं हो सकता था।

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