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करना ही होगा राम मंदिर का निर्माण, नहीं तो मुश्किल होगा 2019 पार करना: स्वामी चक्रपाणि

उत्तरप्रदेश के वाराणसी में चल रही धर्म संसद में पहुंचे स्वामी चक्रपाणि ने राम मंदिर मुद्दे पर बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार की जमकर आलोचना की।

स्वामी चक्रपाणि काशी में फोटो सोर्स- स्थानीय

उत्तरप्रदेश के वाराणसी में चल रहे धर्म संसद में समापन के दिन (मंगलवार) सम्मलित होने के लिए अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि पहुंचे। राम मंदिर निर्माण को लेकर उन्होनें कहा कि, योगी व मोदी की सरकार अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर जनता को केवल मूर्ख बना रही हैं। सरकार को राम मंदिर का निर्माण कराना ही होगा, नहीं तो आगामी लोकसभा चुनाव पार नही हो पायेगा।

बीती शाम स्वामी चक्रपाणि शीतला घाट स्थित गंगोत्री सेवा समिति द्वारा होने वाले दैनिक गंगा आरती में सम्मलित हुए और माँ गंगा का पूजन अर्चन कर के आरती देखी। गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पंडित किशोरी रमन दुबे ने इस दौरान उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया। उसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी चक्रपाणि ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि, पीएम व सीएम अपनी सरकार चलाने में फेल हैं। वहीं काशी में मन्दिर व मूर्तियां तोड़े जाने पर कहा कि, जो मंदिर व मूर्तियां तोड़ी जा रही है वह गलत है। विकास के नाम पर धर्म को चोट पहुंचाया जा रहा है। सरकार विकास पर ध्यान दे, विनाश न करे। सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाना चाहिए।

स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि, जिस प्रकार तीन तलाक व GST बिल को पारित करवाया उसी तरह से राम लला का मंदिर भी बनवाये। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केवल बात करते है। हम सब राम के साथ है मंदिर में पूरा सहयोग रहेगा। सरकार को राम मंदिर का निर्माण कराना ही होगा। बूचड़खाने तक तो बंद नहीं हुए, राम के नाम पर कब तक सरकार राजनीति करेगी। इसके पूर्व शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती ने कहा कि, ‘अयोध्‍या की धर्म सभा में जुटने वाले, श्रीराम को मनुष्‍य मानने वाले और राम का पुतला बनाने में रुचि रखते हैं न कि रामलला का मंदिर बनाने में। राम को मनुष्‍य मानना परमात्‍मा का अपमान है।’

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