उत्तर प्रदेश सरकार ने नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेसवे पर मई के दूसरे हफ्ते तक ‘टोल फ्री’ सफर कर दिया है। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस फैसले से प्रदेश की जनता बिना किसी शुल्क के उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे व अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे पर सफर कर सकेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परियोजना विकसित करने वाली कंपनियों आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर को 15 दिनों तक टोल इकट्ठा करने को स्थगित रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
यूपीडा के आदेश के अनुसार, इस दौरान यात्रियों से किसी भी प्रकार का टोल नहीं लिया जाएगा। बयान के अनुसार, सरकार का मकसद है कि शुरुआती चरण में अधिक से अधिक लोग इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे पर सफर कर सकें।
594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर बिना टोल के यात्रा करने का अवसर लोगों को इसकी गुणवत्ता, गति और जन-सुविधाओं से सीधे रूबरू कराएगा। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि एक्सप्रेसवे के प्रति जन विश्वास को भी मजबूत करेगी।
पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया है एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत ‘डिजाइन, निर्माण, वित्त, परिचालन (डीबीएफओटी-टोल) मॉडल पर विकसित किया गया है। इसके तहत परियोजना तैयार करने वाली कंपनियों को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है। हालांकि, 15 दिन की इस टोल छूट से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार अथवा यूपीडा द्वारा समझौता प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।
प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है एक्सप्रेसवे
यूपीडा ने स्पष्ट किया है कि टोल-फ्री अवधि के दौरान भी परिचालन और रखरखाव से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है और इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
15 दिन की यह टोल छूट न केवल आम लोगों को राहत देगी बल्कि इस बड़ी परियोजना के प्रति बेहतर माहौल भी तैयार करेगी।
क्यों महंगा लग रहा गंगा एक्सप्रेस-वे का सफर?
गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफ़ील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है। इसे लगभग 36,230 करोड़ रुपये की कुल लागत से बनाया गया है। गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय अभी के 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे होने की उम्मीद है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
