Ghorawal Assembly Seat: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की घोरावल विधानसभा सीट जिले की चार विधानसभा सीटों में शामिल है। यह सीट सामान्य वर्ग के लिए है और रॉबर्ट्सगंज (अनुसूचित जाति) लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। जिला प्रशासन के अनुसार घोरावल विधानसभा क्षेत्र का नंबर 400 है। इस सीट में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी इलाकों से जुड़े मतदाता हैं।
घोरावल तहसील सोनभद्र की प्रमुख तहसीलों में शामिल है। पूरा इलाका काफी हद तक ग्रामीण है। खेती, पानी, सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार यहां के आम लोगों के लिए बड़े मुद्दे हैं। क्षेत्र में बेलन नदी भी महत्वपूर्ण है। गर्मियों में पानी का संकट और भूजल पर बढ़ती निर्भरता इस इलाके की पुरानी चिंता रही है। घोरावल क्षेत्र के कई गांवों में भूजल संकट की रिपोर्ट भी सामने आती रही है।
2022 में फिर भाजपा के अनिल कुमार मौर्य जीते
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के डॉ. अनिल कुमार मौर्य ने लगातार दूसरी बार घोरावल सीट पर जीत दर्ज की। उन्हें 1,01,277 वोट मिले। समाजवादी पार्टी के रमेश चंद्र दुबे 77,355 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। बसपा के मोहन सिंह कुशवाहा को 46,941 वोट मिले। अनिल कुमार मौर्य ने रमेश चंद्र दुबे को 23,922 वोटों से हराया।
घोरावल विधानसभा चुनाव परिणाम 2022
| उम्मीदवार | पार्टी | प्राप्त वोट |
|---|---|---|
| डॉ. अनिल कुमार मौर्य (विजेता) | भाजपा | 1,01,277 |
| रमेश चंद्र दुबे | सपा | 77,355 |
| मोहन सिंह कुशवाहा | बसपा | 46,941 |
| जीत का अंतर | 23,922 वोट |
2017 में बड़ी जीत के साथ भाजपा ने बदला समीकरण
2017 में भाजपा के डॉ. अनिल कुमार मौर्य ने घोरावल सीट पर बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें 1,14,305 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के रमेश चंद्र दुबे को 56,656 वोट मिले। बसपा की बीना सिंह 53,090 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। अनिल कुमार मौर्य ने सपा के रमेश चंद्र दुबे को 57,649 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। ([Election Commission of India][4])
घोरावल विधानसभा चुनाव परिणाम 2017
| उम्मीदवार | पार्टी | प्राप्त वोट |
|---|---|---|
| डॉ. अनिल कुमार मौर्य (विजेता) | भाजपा | 1,14,305 |
| रमेश चंद्र दुबे | सपा | 56,656 |
| बीना सिंह | बसपा | 53,090 |
| जीत का अंतर | 57,649 वोट |
2012 में सपा के रमेश चंद्र ने जीती थी सीट
घोरावल विधानसभा क्षेत्र में 2012 का चुनाव भी महत्वपूर्ण रहा। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी के रमेश चंद्र ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 87,708 वोट मिले थे। बसपा के डॉ. अनिल कुमार मौर्य को 72,521 वोट मिले। कांग्रेस के अरुण कुमार सिंह 13,996 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
रमेश चंद्र ने अनिल कुमार मौर्य को 15,187 वोटों से हराया था।
घोरावल विधानसभा चुनाव परिणाम 2012
| उम्मीदवार | पार्टी | प्राप्त वोट |
|---|---|---|
| रमेश चंद्र (विजेता) | सपा | 87,708 |
| डॉ. अनिल कुमार मौर्य | बसपा | 72,521 |
| अरुण कुमार सिंह | कांग्रेस | 13,996 |
| जीत का अंतर | 15,187 वोट |
ग्रामीण मुद्दे चुनाव में रहेंगे अहम
घोरावल का बड़ा हिस्सा गांवों में है। इसलिए यहां चुनावी चर्चा सिर्फ बड़े राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहती। सड़क, पुलिया, सिंचाई, पेयजल, खेती, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाएं और युवाओं के लिए रोजगार जैसे सवाल भी मतदाताओं के बीच अहम रहते हैं। हाल में घोरावल क्षेत्र के बिसरेखी गांव में संपर्क मार्ग और पुलिया की मांग को लेकर ग्रामीणों की समस्या भी सामने आई थी।
2027 में भाजपा के सामने सीट बचाने की चुनौती
घोरावल में पिछले तीन विधानसभा चुनावों का रिकॉर्ड देखें तो तस्वीर दिलचस्प है। 2012 में सपा के रमेश चंद्र जीते, 2017 और 2022 में भाजपा के डॉ. अनिल कुमार मौर्य ने लगातार दो जीत दर्ज की। यानी पिछले एक दशक में सीट का राजनीतिक समीकरण साफ तौर पर बदला है।
अब 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा अपनी जीत की हैट्रिक के बाद सीट पर पकड़ बनाए रखने की कोशिश करेगी, जबकि सपा 2012 वाला प्रदर्शन दोहराकर वापसी करना चाहेगी। ऐसे में घोरावल में मुकाबला सिर्फ दो दलों के बीच नहीं, बल्कि स्थानीय मुद्दों और बदलते मतदाता रुझान की भी परीक्षा होगा।
यह भी पढ़ें: पूर्वांचल की हॉट सीट छानबे: हर चुनाव में बदला जनादेश, क्या 2027 में भी दोहराएगा इतिहास?
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में स्थित मिर्जापुर जिले की छानबे (अनुसूचित जाति सुरक्षित) विधानसभा सीट राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। सामाजिक समीकरण, कोल समुदाय का प्रभाव और भाजपा-अपना दल (एस), समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी के बीच होने वाले मुकाबलों के कारण यह सीट हर चुनाव में चर्चा का केंद्र रहती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
