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उत्तरप्रदेश: नहीं थम रहा विवाद, अब वाराणसी में हनुमान जी के जाति प्रमाण पत्र के लिए आया आवेदन

राजस्थान के विधानसभा चुनावों में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा भगवान हनुमान के ऊपर टिप्पणी करने के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। वाराणसी में शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया के कार्यकर्ताओं ने भगवान हनुमान के जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है।

शिवपाल की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में हनुमान जी के जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया फोटो सोर्स- फेसबुक/इंडियन एक्स.

राजस्थान के विधानसभा चुनावों में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा भगवान हनुमान के ऊपर टिप्पणी करने के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला वाराणसी का हैं जहां शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया ने भगवान हनुमान के जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है। जाति प्रमाणपत्र के लिए बाकायदा फॉर्म भरकर हनुमान जी के पिता का नाम महाराज केसरी और माता का नाम अंजना देवी लिखा गया है।

बता दें कि जिला मुख्यालय पर शिवपाल की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के युवजन सभा के कार्यकर्ता जमा हुए और उन्होंने हनुमान जी के जाति प्रमाण पत्र की मांग करते हुए जाति प्रमाण पत्र प्राप्त का आवेदन फॉर्म भरा। इसके लिए कार्यकर्ताओं ने आवेदन फॉर्म में हनुमान जी के पिता का नाम महाराज केशरी, जाति में वनवासी, पते की जगह पर संकट मोचन मंदिर, साकेत नगर कॉलोनी, थाना लंका और जाति दलित भरा है।

इस मामले में जानकारी देते हुए प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिलाध्‍यक्ष हरीश मिश्र का कहना है कि हम लोग भगवान को राजनीति में नहीं लाना चाहते लेकिन यूपी के सीएम ने जिस तरह भगवान हनुमान को दलित बताया उसके बाद हमें हनुमान जी का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जब यूपी के मुखिया ने ही भगवान को जाति में बांट दिया है तो उन्‍हें उनकी जाति का प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए जिससे कि उन्‍हें भी आरक्षण का लाभ मिल सके। आगे उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्र को सभी हनुमान मंदिरों पर लगाया जाएगा। इससे दलित समाज को गर्व होगा और वह समाज की मुख्‍यधारा में कदम से कदम मिलाकर चल सकेंगे।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पर तंज कसते हुए हरीश मिश्रा ने कहा कि अयोध्‍या में प्रभु श्रीराम का मंदिर तो नहीं बनवा पाए लेकिन उनके राज में हनुमान जी को अपना जाति प्रमाण पत्र बनवाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राजस्थान के अलवर में एक रैली के दौरान कहा था कि ‘हनुमान जी एक ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं वनवासी हैं, निर्वासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं। भारतीय समुदाय को उत्तर से लेकर दक्षिण तक पुरब से पश्चिम तक सबको जोड़ने का काम बजरंगबली करते हैं।’

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