ताज़ा खबर
 

सीएम योगी आदित्यनाथ की पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार- हर हाल में रोकें ‘लव जिहाद’, जरूरत पड़ी तो बनेगा कानून

अधिकारियों के मुताबिक, सीएम की तरफ से यह निर्देश कानपुर, मेरठ और हाल ही में लखीमपुर खीरी में हुई कुछ घटनाओं के बाद आए हैं।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र लखनऊ | Updated: August 29, 2020 8:33 AM
CM Yogi, yogi adityanath coronavirusउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ। (PTI)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग से जुड़े अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे राज्य में लव जिहाद जैसी घटनाओं को रोकने के लिए योजना तैयार करें। अफसरों के मुताबिक, सीएम योगी का ये आदेश राज्य के अलग-अलग हिस्सों से ऐसे कुछ केसों के सामने आने के बाद आया है। बता दें कि लव जिहाद कुछ हिंदुत्व संगठनों द्वारा ऐसे अंतर-धार्मिक विवाह के वर्णन की शब्दावली है, जिसमें हिंदू महिला को कथित तौर पर जबरदस्ती या बहलाने-फुसलाने के बाद धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम व्यक्ति से उसका निकाह कर दिया जाता है।

अधिकारियों के मुताबिक, सीएम की तरफ से यह निर्देश कानपुर, मेरठ और हाल ही में लखीमपुर खीरी में हुई कुछ घटनाओं के बाद आए हैं। लखीमपुर-खीरी के मामले में पुलिस का दावा है कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं कि महिला का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करा कर उसका निकाह कर दिया गया।

योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार का कहना है कि राज्य में अलग-अलग हिस्सों से लव जिहाद के केस बढ़ रहे हैं। इसलिए मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसी घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा है कि अधिकारी इस सिलसिले में योजना बनाएं और बताएं कि क्या इसके लिए कानून की जरूरत पड़ सकती है।

इस गैर-आधिकारिक मीटिंग का हिस्सा रहे यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि यह एक सामाजिक मुद्दा है। इसे रोकने के लिए गंभीर कदम उठाने होंगे। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है और हमें सख्त होना होगा। आजकल सोशल मीडिया हर तरफ मौजूद है और यह लोगों के दिमाग में भी घुस रहा है। अवस्थी ने कहा कि ऐसे मामलों की फास्ट-ट्रैक सुनवाई को मुमकिन करना जरूरी होगा, क्योंकि कोरोनावायरस महामारी की वजह से जो बंदी लगी है, उससे कई मामले कोर्ट में पेंडिंग हैं। आरोपियों को ऐसे मामलों में जमानत नहीं मिलनी चाहिए और महिला के परिवार की आर्थिक मदद भी होनी चाहिए।

बता दें कि हाल ही में कानपुर की जूही कॉलोनी में अंतर-धार्मिक विवाह का एक मामला सामने आया था। इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन तक किया है, जो इन आरोपों की जांच करेगी कि क्या लड़की का शादी से पहले ब्रेनवॉश किया गया या उसकी जबरदस्ती शादी हुई है। इसके अलावा लखीमपुर खीरी जिले में इस हफ्ते ही एक किशोरी की लाश मिली थी। रिपोर्ट में सामने आया था कि लड़की को दुष्कर्म के बाद मारा गया। पुलिस ने बाद में दिलशाद नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है उसने लड़की के साथ दुष्कर्म करने और उसका गला काटने की बात कबूल ली। योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में जरूरत पड़ने पर रासुका लगाने तक के आदेश दे दिए थे।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 चालक नहीं मिला तो खुद एंबुलेंस लेकर गए डॉक्टर बाबू, कोरोना पीड़ित बुजुर्ग की बचाई जान
2 योगी सरकार के शिकंजे में मुख्तार अंसारी! कल बेटों की अवैध इमारतें ध्वस्त, आज पिता समेत तीन पर FIR
3 J&K: मुठभेड़ में ढेर 4 आतंकियों में एक पूर्व कॉन्सटेबल, 4 AK-47 ले भागा था, बनाया था आतंकी संगठन अल-बद्र
यह पढ़ा क्या?
X